भारत का औद्योगिक उत्पादन मई में 5.1 प्रतिशत की दर से बढ़ा, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रही तेजी
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि दर मई 2026 में सालाना आधार पर 5.1 प्रतिशत रही है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने वित्त वर्ष 2026 के लिए वित्त मंत्री को सौंपा 9,400 करोड़ रुपए से ज्यादा का डिविडेंड
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 9,400 करोड़ रुपए से अधिक के डिविडेंड के चेक सौंपे।
कैबिनेट ने एनआईआईएफ में 30,000 करोड़ रुपए के अतिरिक्त निवेश को दी मंजूरी, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
केंद्र सरकार ने देश में बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास को गति देने और निजी व संस्थागत निवेश को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को एक बड़ा फैसला लिया है।
नए चेयरमैन की नियुक्ति के बाद एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट, सीईओ की नियुक्ति प्रक्रिया अभी बाकी
देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक के शेयर मंगलवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। बैंक द्वारा पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को तीन साल के लिए नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किए जाने के बाद निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
मान्यता प्राप्त भारतीय स्टार्टअप्स में प्रत्यक्ष रोजगार 36 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 23.64 लाख पहुंचा
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत के मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स द्वारा सृजित प्रत्यक्ष रोजगार बढ़कर 23.36 लाख हो गया है। यह रोजगार सृजन में साल-दर-साल 36.1 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
जीएसटी आजादी के बाद का सबसे बड़ा टैक्स सुधार, कारोबार के तरीके को बनाया आसान
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) एक जुलाई को अपने 10वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह देश की आजादी के बाद का अब तक का सबसे बड़ा टैक्स सुधार है। इसे व्यवसायों के बीच एक सरल और भरोसेमंद डिजिटल इकोसिस्टम के तौर पर लगभग हर जगह स्वीकार किया जा चुका है। यह जानकारी ताजा डेलॉइट सर्वे में दी गई।
टैक्स सुधार और नीतिगत समर्थन के चलते भारतीय शेयर बाजार में बड़ी मात्रा में आ रही घरेलू पूंजी: जेपी मॉर्गन
हाल के वर्षों में लागू किए गए टैक्स सुधार और कई नीतिगत उपायों ने भारत में इक्विटी निवेश को और आकर्षक बना दिया है। इससे पिछले दो वर्षों में रिटर्न अपेक्षाकृत कम रहने के बावजूद, शेयर बाजार में घरेलू निवेश का प्रवाह लगातार बना रहने के लिए अनुकूल स्थितियां तैयार हुई हैं। यह जानकारी जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट में दी गई।
सरकार ने मेडिकल डिवाइस बनाने के लाइसेंस के लिए मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करने का दिया प्रस्ताव
मंत्रालय ने प्रस्तावित बदलावों पर लोगों की राय जानने के लिए सरकारी गजट में एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। मौजूदा ढांचे के तहत चिकित्सा उपकरणों को जोखिम के आधार पर चार श्रेणियों—क्लास ए, क्लास बी, क्लास सी और क्लास डी—में वर्गीकृत किया गया है। इनमें क्लास डी में सबसे अधिक जोखिम वाले चिकित्सा उपकरण शामिल हैं।