संभावनाओं का साल 2026 : टैक्स से लेकर निवेश की यह अहम तारीखें रखें याद, पैसा बचाने में मिलेगी मदद
2026 की शुरुआत हो चुकी है। नए साल के साथ निवेश से लेकर टैक्स की अहम डेडलाइन को जानना जरूरी है, जिससे आप सही समय पर बेहतर फैसला ले पाएं और पैसे की बचत कर पाएं।
अदाणी एंटरप्राइजेज ने तीसरे एनसीडी इश्यू का ऐलान किया, मिलेगी 8.90 प्रतिशत तक की ब्याज दर
अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) ने शुक्रवार को तीसरे नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (एनसीडी) का ऐलान किया है। इसका इश्यू साइज 1,000 करोड़ रुपए होगा और निवेशकों को 8.9 प्रतिशत तक की ब्याज दर दी जाएगी।
'प्रगति' जवाबदेही को बढ़ावा दे रही और परियोजना कार्यान्वयन में तेजी ला रही है : कैबिनेट सचिव
कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रो-एक्टिव गवर्नेंस और टाइमली इम्प्लीमेंटेशन (प्रगति) सिस्टम ने बड़े प्रोजेक्ट्स और अहम कल्याणकारी योजनाओं के लागू होने की रफ्तार बढ़ा दी है।
भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार से बढ़त, रोजगार और आय में होगा इजाफा: अजय एस श्रीराम
श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) की गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन अजय एस श्रीराम ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि न सिर्फ उत्साहजनक है, बल्कि इससे आम लोगों को सीधा लाभ मिलने की पूरी संभावना है।
वित्त वर्ष 2027 में भारत की जीडीपी ग्रोथ बढ़कर 11 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद : रिपोर्ट
एसबीआई म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति अच्छी रह सकती है। इसके पीछे मुख्य कारण सरकार द्वारा किए गए सुधार और लोगों द्वारा बेहतर और महंगे उत्पादों को खरीदने की बढ़ती आदतें हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक मंदी और भू-राजनीति अभी भी बड़े खतरे बने हुए हैं।
भारत-मालदीव का द्विपक्षीय व्यापार बीते 8 वर्षों में तीन गुना बढ़ा
भारत और मालदीव का द्विपक्षीय व्यापार बीते आठ वर्षों में तीन गुना बढ़ा है।
हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी एक्ट 2025 एक फरवरी से लागू होगा, वित्त मंत्रालय ने जारी किया नोटिफिकेशन
वित्त मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी एक्ट 2025 एक फरवरी 2026 से लागू हो जाएगा। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा पर होने वाले खर्च के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना है। यह बिल दोनों सदनों में पहले ही पारित हो चुका है।