वित्त वर्ष 2026 में भारत का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 5.12 प्रतिशत बढ़कर 23.4 लाख करोड़ रुपए हुआ
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह यानी नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में स्थिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.12 प्रतिशत बढ़कर 23,40,406 करोड़ रुपए हो गया।
पीयूष गोयल ने मुक्त व्यापार समझौतों पर हुई प्रगति की समीक्षा के लिए अधिकारियों और मुख्य वार्ताकारों के साथ की बैठक
वाणिज्य और व्यापार मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) की प्रगति का आकलन करने के लिए प्रमुख अधिकारियों और मुख्य वार्ताकारों के साथ एक समीक्षा बैठक की।
केंद्र कोयला गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए नए इंसेंटिव पैकेज देने की कर रहा तैयारी, आत्मनिर्भर बनने में मिलेगी मदद
केंद्र सरकार देश में कोयला गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए नया इंसेंटिव पैकेज देने की तैयारी कर रहा है और इसका परिव्यय 35,000 करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी गई।
मई में यह तारीखें रखें याद, टैक्स भुगतान में रहेगी आसानी
मई का महीना टैक्स के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसमें टीडीएस और टीसीएस के भुगतान और टैक्स फाइलिंग से जुड़ी कई अहम तारीखें आती हैं।
मध्य पूर्व में तनाव से भारत में हो सकता है करीब 800 अरब डॉलर का निवेश; एनर्जी और डेटा सेंटर पर रहेगा फोकस : मॉर्गन स्टेनली
दिग्गज अमेरिकी निवेश फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अपने ताजा नोट में कहा कि मध्य पूर्व में तनाव के कारण तेल और गैस की आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा आने से भारत में निवेश बढ़ सकता है और वित्त वर्ष 30 तक इन्वेस्टमेंट-टू-जीडीपी रेश्यो बढ़कर 37.5 प्रतिशत हो सकता है, जो कि फिलहाल 36.7 प्रतिशत है।
एक दिन में लगभग 47 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए: केंद्र
शनिवार को देशभर में लगभग 47 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए, जिससे यह संकेत मिलता है कि पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष और उसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के बावजूद गैस आपूर्ति में कोई कमी या व्यवधान नहीं है।
उर्वरक क्षेत्र में आयात प्रतिस्थापन और वीजीआरसी में जनजातीय पर्यटन के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा गुजरात
शुक्रवार को सूरत में आयोजित 'वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' (वीजीआरसी) में नीति और उद्योग से जुड़ी चर्चाओं की एक श्रृंखला के दौरान, उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।