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भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में 70 प्रतिशत रोजगार: रिपोर्ट

Source : business.khaskhabar.com | Feb 24, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 70 of jobs in indias tier 2 and tier 3 cities report 794200नई दिल्ली । भारत में लगभग 70 प्रतिशत नौकरियां गैर-मेट्रो यानी टियर-2 और टियर-3 शहरों में उपलब्ध हैं। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, अकेले टियर-3 शहरों में 40 प्रतिशत रोजगार है, जबकि टियर-2 शहरों में 29 प्रतिशत रोजगार मिलता है। इसके मुकाबले टियर-1 शहरों की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत है। 
स्टाफिंग फर्म क्वेस कॉर्प ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मिलकर टियर-3 शहरों के 45 प्रतिशत से अधिक कार्यबल को रोजगार दे रहे हैं, जबकि रिटेल सेक्टर की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कोयंबटूर, इंदौर, सूरत, वडोदरा, नोएडा और लखनऊ जैसे तेजी से बढ़ते शहर रोजगार के बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं। बढ़ती खपत और औद्योगिक कॉरिडोर इन शहरों के श्रम बाजार को नया रूप दे रहे हैं।
क्वेस कॉर्प के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लोहित भाटिया ने कहा, "यह आंकड़े दिखाते हैं कि रिटेल विस्तार, मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर और सेवाओं के विकेंद्रीकरण के कारण रोजगार के अवसर अब बड़े शहरों से बाहर फैल रहे हैं।"
रिटेल, बीएफएसआई, ईएमपीआई/मैन्युफैक्चरिंग, टेलीकॉम, एफएमसीजी/एफएमसीडी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर मिलकर अधिकांश नौकरियां प्रदान कर रहे हैं। यही सेक्टर टियर-2 और टियर-3 बाजारों में रोजगार वृद्धि के प्रमुख इंजन बने हुए हैं।
इन क्षेत्रों में स्टोर ऑपरेशंस, सेल्स, प्लांट संचालन और सप्लाई चेन जैसे विभिन्न प्रकार के पद शामिल हैं। यह दर्शाता है कि टियर-2 और टियर-3 भारत में औपचारिक रोजगार तेजी से बढ़ रहा है।
4.83 लाख कर्मचारियों पर आधारित इस अध्ययन में पाया गया कि 64 प्रतिशत कर्मचारी 30 वर्ष से कम आयु के हैं। साथ ही, 55 प्रतिशत कर्मचारी अपनी वर्तमान नौकरी में एक वर्ष से कम समय से कार्यरत हैं। यह दर्शाता है कि प्रोजेक्ट आधारित काम और मौसमी मांग के कारण रोजगार में तेजी से बदलाव हो रहा है।
वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही के दौरान 26,000 से अधिक नए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) बनाए गए, जिससे पहले अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को भविष्य निधि (पीएफ), ईएसआई, बीमा और अन्य वैधानिक लाभों तक पहुंच मिली।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे देश में यूएएन बनाए जा रहे हैं, लेकिन साथ ही कार्यबल का बड़ा हिस्सा टियर-2 और टियर-3 शहरों की ओर स्थानांतरित हो रहा है। इससे यह साफ है कि गैर-मेट्रो क्षेत्रों में रोजगार बढ़ने के साथ सामाजिक सुरक्षा कवरेज भी मजबूत हो रहा है।
--आईएएनएस
 

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