भारतीय शेयर बाजार में सीमित दायरे में कारोबार; सेंसेक्स 78,000 के पार बंद
सूचकांकों में निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.55 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 0.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स थे। निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी आईटी, निफ्टी कंजम्पशन, निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसई और निफ्टी ऑटो गेनर्स थे।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सपाट खुला बाजार, सेंसेक्स 180 अंक लुढ़का
वैश्विक तनावों के बीच गुरुवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार ने मिश्रित रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की।
चंद्रशेखरन के इस्तीफे से टाटा ग्रुप के शेयर धड़ाम; मार्केट कैप 68,000 करोड़ रुपए घटा
मार्केट वैल्यू में आई गिरावट में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का हिस्सा सबसे अधिक था। सत्र के दौरान देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी के शेयर 4.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,323.30 रुपए पर बंद हुए, जिससे कंपनी का मार्केटकैप 42,440 करोड़ रुपए घटकर 8.40 लाख करोड़ रुपए रह गया।
मैन्युफैक्चरिंग जीवीए वित्त वर्ष 23 से वित्त वर्ष 26 के बीच 10 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ा : केंद्र
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इन सभी पहलों का मकसद घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना, आपूर्ति चेन में विविधता लाना, रणनीतिक क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता कम करना, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना और भारत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की मजबूती और प्रतिस्पर्धात्मकता को बेहतर बनाना है।
सेंसेक्स 188 अंक गिरकर बंद, महंगाई के आंकड़ों का निवेशकों को इंतजार
बाजार पर दबाव बनाने का दाम आईटी शेयरों ने किया। सूचकांकों में निफ्टी आईटी 1.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ टॉप लूजर था। इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी 0.73 प्रतिशत, निफ्टी कंजप्शन 0.50 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.45 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर 0.44 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 0.32 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 0.14 और निफ्टी कमोडिटीज 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के चलते बाजार दबाव में, सेंसेक्स-निफ्टी में 0.34 प्रतिशत तक की गिरावट
भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार के दोनों प्रमुख बेंचमार्क सपाट खुले।
जाइडस लाइफसाइंसेज का पहली तिमाही का मुनाफा 36 प्रतिशत घटकर 940 करोड़ रुपए रहा
कमजोर कमाई के बावजूद निवेशक बड़े पैमाने पर बेअसर दिखाई दिए। नतीजों की घोषणा के बाद जाइडस लाइफसाइंसेज के शेयर 1,126 रुपए पर कारोबार कर रहे थे, जो पिछले बंद भाव से 0.63 प्रतिशत या 7 रुपए ऊपर था।
कच्चे तेल में उछाल से भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 388 अंक फिसला
बाजार में बिकवाली का दबाव सबसे अधिक एफएमसीजी और रियल्टी स्टॉक्स में देखने को मिला। सूचकांकों में निफ्टी एफएमसीजी 1.17 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 0.99 प्रतिशत की कमजोरी के साथ टॉप लूजर्स थे।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारतीय शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, आईटी शेयरों में खरीदारी से मिला सपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को लगभग सपाट शुरुआत की। हालांकि बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में दबाव देखने को मिला, लेकिन आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में खरीदारी ने बाजार को संतुलित बनाए रखा।
धूत ट्रांसमिशन आईपीओ: टॉप पांच ग्राहकों से 71 प्रतिशत आय, साइबर अटैक, रिलेटेड पार्टी लेनदेन समेत कई बड़े रिस्क
कंपनी की आरएचपी (रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) में दी गई जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 26 में कंपनी की कुल परिचालन आय का 71.56 प्रतिशत हिस्सा शीर्ष पांच ग्राहकों से आया था। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 25 में 71.18 प्रतिशत और वित्त वर्ष 24 में 66.17 प्रतिशत था। यह दिखाता है कि कंपनी की आय का मुख्य स्रोत केवल कुछ कंपनियां हैं।
उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद मामूली बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स में 43 अंकों की बढ़त
सेक्टरवार विश्लेषण करें तो निफ्टी पीएसयू बैंक में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई और यह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बनकर उभरा। निफ्टी फार्मा और निफ्टी एफएमसीजी का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। वहीं, निफ्टी रियल्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया।
आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान
फैशन और लाइफस्टाइल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड (एबीएफआरएल) को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में घाटे का सामना करना पड़ा। कंपनी का समेकित शुद्ध घाटा (कंसो. नेट लॉस) सालाना आधार पर 6.4 प्रतिशत बढ़कर 248.73 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 233.73 करोड़ रुपए था।
बाजार की पाठशाला: पीपीएफ, एससीएसएस और सुकन्या समृद्धि योजना में आपके लिए कौन-सी सरकारी बचत योजना रहेगी बेहतर
वर्तमान समय में, जब दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनावों ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों के साथ-साथ वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को भी प्रभावित किया है