करों में कटौती,काले धन पर अंकुश से उद्योग जगत खुश
Source : business.khaskhabar.com | Feb 28, 2015 | 

नई दिल्ली। उद्योग जगत ने वित्त वर्ष 2015-16 के बजट को आगे की सोच वाला दस्तावेज बताते हुए कॉरपोरेट कर को घटाने की रूपरेखा, संपदा या संपत्ति कर को समाप्त करने व काले धन पर अंकुश के उपायों का स्वागत किया है। भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन व प्रबंध निदेशक राजन भारती मित्तल ने कहा कि मेरे विचार में यह संतुलित बजट है।
मुझे लगता है कि वित्त मंत्री ने कई चीजों को सरल करने का प्रयास किया है। इसमें कॉरपोरेट कराधान की रूपरेखा शामिल है। उन्होंने संपदा कर को भी समाप्त करने का प्रस्ताव किया है। ऎसे में मुझे लगता है कि बजट से देश में कारोबार में सुगमता की स्थिति बनेगी। उद्योग जगत के नेताओं ने काले धन पर अंकुश के उपायों का स्वागत किया है। इसमें विदेशी परिसंपत्ति को छुपाने पर 10 साल की सजा के अलावा कई अन्य कडे उपाय शामिल हैं। इनमें रीयल एस्टेट और अन्य सौदों में नकद लेनदेन को हतोत्साहित करना शामिल है।
सीआईआई अध्यक्ष अजय श्रीराम ने कहा कि यह एक सकारात्मक व वृद्धि को प्रोत्साहन देने वाला बजट है। हमें लगता है कि इससे वित्त मंत्री के आर्थिक वृद्धि व रोजगार सृजन के दर्शनशास्त्र को आगे बढाने में मदद मिलेगी। हम विशेष रूप से काले धन पर अंकुश पर जोर देने का स्वागत करते हैं। बजाज आटो के चेयरमैन राहुल बजाज ने कहा कि मैं बजट को 10 में से 9 नंबर दूंगा। यह काफी सकारात्मक बजट है, जो वृद्धि व ईमानदारी को प्रोत्साहन देगा। मैं कालाधन रखने वालों को 10 साल की सजा के कडे प्रावधान से काफी खुश हूं। फिक्की की अध्यक्ष ज्योसना सूरी ने कहा कि हमें भरोसा था कि एक आगे की सोच वाला बजट मिलेगा और ऎसा ही हुआ। वित्त मंत्री ने काफी स्पष्ट रूपरेखा पेश की है। यह रूपरेखा अर्थव्यवस्था को ऊपर ले जाने के अलावा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर को प्रोत्साहन देने वाली है।
उन्होंने कॉरपोरेट कर को 30 से घटाकर 25 प्रतिशत करने का एक काफी अच्छा कदम उठाया है। हीरो मोटोकार्प के संयुक्त प्रबंध निदेशक सुनीलकान्त मुंजाल ने कहा कि उन्होंने जो किया है उसमें कुछ गलत ढूंढना मुश्किल है। कई सकारात्मक कदम उठाए गए हैं। इनमें कुछ ब़डे हैं और कुछ छोटे। श्रीराम ने कहा कि संपदा कर को समाप्त करना एक तर्कसंगत दिशा है। दो प्रतिशत का अधिभार भी उचित है। एक करोड रूपये से अधिक कमाने वाले लोग इसका भुगतान कर सकते हैं। केपीएमजी इंडिया के प्रमुख (बिक्री व बाजार) नितिन अतरोली ने कहा,हालांकि कुछ चिंताएं हैं लेकिन वृद्धि दर सकारात्मक दिखती है। कुल मिलाकर बजट अग्रसारी व सकारात्मक है। मुख्य जोर इस बात पर है कि किस तरह उद्योग चक्र को बढाया जाए।