businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

भारत का चालू खाता घाटा अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी का 0.5 प्रतिशत रहा

Source : business.khaskhabar.com | Sep 01, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 india current account deficit stood at 05 percent of gdp in the april june quarter 841243
बिजनेस डेस्क। मुंबई 

भारत का चालू खाता घाटा वित्त वर्ष 27 की अप्रैल-जून तिमाही में 4.2 अरब डॉलर रहा है, जो कि जीडीपी के 0.5 प्रतिशत के बराबर है। यह जानकारी आरबीआई की ओर से मंगलवार को जारी डेटा में दी गई। यह आंकड़े ऐसे समय पर सामने आए हैं, जब अर्थव्यवस्था मध्य पूर्व युद्ध के कारण कच्चे तेल, एलपीजी और उर्वरकों के ऊंची कीमतों का सामना कर रही है। पिछले साल की समान अवधि में चालू खाता घाटा जीडीपी का 0.4 प्रतिशत था। 

आयात की ज्यादा लागत के कारण, 2026-27 की पहली तिमाही में वस्तु व्यापार घाटा 86.1 अरब डॉलर था, जो 2025-26 की पहली तिमाही के 88.9 अरब डॉलर से ज्यादा था। आरबीआई के बयान के मुताबिक, 2026-27 की पहली तिमाही में सेवाओं से होने वाली शुद्ध आय बढ़कर 51.6 अरब डॉलर हो गई है, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 47.9 अरब डॉलर थी। इसकी वजह कंप्यूटर सर्विस, अन्य बिजनेस सर्विस और ट्रांसपोर्टेशन सर्विस जैसी मुख्य कैटेगरी में सर्विस निर्यात का सालाना आधार पर बढ़ना था। 

मुख्य रूप से इन्वेस्टमेंट इनकम के पेमेंट को दिखाने वाले प्राइमरी इनकम अकाउंट पर होने वाला नेट आउटफ्लो मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में घटकर 10.5 अरब डॉलर हो गया, जो 2025-26 की इसी तिमाही में 13.3 अरब डॉलर था। सेकेंडरी इनकम अकाउंट के तहत पर्सनल ट्रांसफर रसीदें, जिनमें मुख्य रूप से विदेशों में काम करने वाले भारतीयों द्वारा भेजी गई रकम शामिल है, पहली तिमाही में बढ़कर 42.9 अरब डॉलर हो गईं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ये 33.2 अरब डॉलर थीं। 
पहली तिमाही में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) का नेट इनफ्लो 6.1 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 5.2 अरब डॉलर था। हालांकि, अप्रैल-जून तिमाही में स्टॉक मार्केट में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (एफपीआई) का नेट आउटफ्लो 9.6 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जबकि 2025-26 की इसी अवधि में 1.6 अरब डॉलर का नेट इनफ्लो हुआ था। 

इस तिमाही के दौरान नॉन-रेसिडेंट डिपॉजिट का नेट इनफ्लो 2.8 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जबकि एक साल पहले की इसी अवधि में यह 3.6 अरब डॉलर था। पहली तिमाही में भारत में एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ईसीबी) के तहत नेट इनफ्लो 3.3 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 4.4 अरब डॉलर था। 
बयान में कहा गया है कि बैलेंस ऑफ पेमेंट के आधार पर फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में 8.1 अरब डॉलर की कमी आई, जबकि 2025-26 की पहली तिमाही में इसमें 4.5 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी। -आईएएनएस

[@ महिलाओं की शर्ट के बटन बाई तरफ ही क्यों!]


[@ यह उपाय करने से शांत होंगे शनि दोष]


[@ ऎसा करने से चमकेगी किस्मत]



Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0