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अमेरिकी फेड के सख्त रुख से कीमती धातुओं पर रहा दबाव, एक हफ्ते में सोना 0.64 प्रतिशत गिरा तो चांदी 1.12 प्रतिशत फिसली

Source : business.khaskhabar.com | Aug 29, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 the us feds tough stance put pressure on precious metals gold fell 064 percent in a week while silver slipped 112 percent 840478

बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और अपेक्षा से अधिक मजबूत आर्थिक आंकड़ों के चलते कीमती धातुओं की कीमतों में इस सप्ताह दबाव बना रहा। सप्ताह भर के कारोबार में सोने की कीमतों में लगभग 1.86 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, तो वहीं चांदी में कमजोरी देखने को मिली। 

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव शुक्रवार (28 अगस्त) को 1,56,281 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो करीब 2,600 रुपए यानी 1.6 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। वहीं इससे पहले हफ्ते शुक्रवार (21 अगस्त) को यह सोना 1,62,438 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, यानी एक हफ्ते में एमसीएक्स पर सोने का भाव 6,157 रुपए यानी 3.79 प्रतिशत गिर गया है। 

वहीं चांदी की बात करें तो एमसीएक्स पर बीते शुक्रवार (28 अगस्त) को सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 4,000 रुपए से ज्यादा यानी करीब 1.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,36,704 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। वहीं इससे पहले हफ्ते शुक्रवार (21 अगस्त) को यह चांदी 2,36,704 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, यानी एक हफ्ते में चांदी का रेट 9,893 रुपए यानी 4.01 प्रतिशत गिर गया। 

वहीं इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, बाते शुक्रवार (28 अगस्त) को 999 प्यूरिटी वाले सोने का भाव 1,59,578 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि इससे पहले हफ्ते गोल्ड का रेट 1,60,620 रुपए प्रति 10 ग्राम था। यानी एक हफ्ते में सोने का भाव 1,042 रुपए यानी 0.64 प्रतिशत कम हो गया है। 

वहीं, आईबीजेए के अनुसार, शुक्रवार (28 अगस्त) को 999 प्यूरिटी वाली चांदी का रेट 2,43,892 रुपए प्रति किलोग्राम रहा, जबकि इससे पहले हफ्ते शुक्रवार (21 अगस्त) को यह चांदी 2,46,630 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। यानी एक हफ्ते में चांदी का रेट 2,738 रुपए यानी 1.12 प्रतिशत गिर गया। 

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजारों ने जुलाई के अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय (पीसीई) मुद्रास्फीति आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष केविन वॉर्श के जैक्सन होल सम्मेलन में दिए गए पहले भाषण को सख्त मौद्रिक नीति के संकेत के रूप में देखा। 

इससे निवेशकों की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों में बदलाव आया और सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी पर दबाव बढ़ गया। शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना वायदा 1.63 प्रतिशत गिरकर 1,56,400 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 1.66 प्रतिशत फिसलकर 2,36,651 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी। 

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव शुक्रवार को 1,59,578 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि सप्ताह की शुरुआत में सोमवार को यह 1,62,603 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। इससे स्पष्ट है कि सप्ताह के दौरान सोने की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। सप्ताह के शुरुआती दिनों में सोने में तेज तेजी देखने को मिली थी। 

अमेरिकी मुद्रा के अवमूल्यन को लेकर बढ़ती चिंताओं और लंबी अवधि के अमेरिकी बॉन्ड को लेकर संभावित सरकारी समर्थन की खबरों से सोना कई महीनों के उच्च स्तर तक पहुंच गया था। लेकिन बाद में मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने बाजार की दिशा बदल दी। अमेरिका में जुलाई की पीसीई मुद्रास्फीति दर 3.7 प्रतिशत दर्ज की गई, जो बाजार की अपेक्षाओं से अधिक थी। इसके साथ ही रोजगार और व्यापार से जुड़े आंकड़ों ने भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत दिया। इससे निवेशकों को लगा कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। 

फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श के भाषण के बाद बाजार में ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों में बड़ा बदलाव आया। विश्लेषकों के अनुसार, उनके भाषण के कुछ ही मिनटों के भीतर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगभग 70 डॉलर प्रति औंस तक गिर गया, हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली। चांदी ने भी सप्ताह के दौरान शुरुआती बढ़त गंवा दी। 

बाजार सहभागियों के बीच अब यह धारणा मजबूत हुई है कि सितंबर में अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना पहले की तुलना में अधिक हो गई है। यही कारण है कि निवेशकों ने सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश साधनों में मुनाफावसूली की। उधर, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी सोने को सीमित समर्थन ही दिया। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास कूटनीतिक प्रगति के संकेतों के बाद तेल की कीमतों में हाल की ऊंचाइयों से गिरावट आई, जिससे वैश्विक मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं में कुछ कमी आई। 

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड के लिए 4,600 डॉलर से 4,630 डॉलर प्रति औंस का स्तर निकटतम प्रतिरोध क्षेत्र माना जा रहा है। वहीं 4,500 डॉलर से 4,470 डॉलर प्रति औंस का क्षेत्र महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान कर सकता है। घरेलू बाजार में एमसीएक्स सोने के लिए 1,59,200 रुपए से 1,60,000 रुपए प्रति 10 ग्राम का क्षेत्र प्रमुख प्रतिरोध माना जा रहा है। 

दूसरी ओर 1,56,200 रुपए से 1,55,500 रुपए का दायरा तत्काल समर्थन क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने की दिशा मुख्य रूप से अमेरिकी ब्याज दरों, मुद्रास्फीति के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की नीति से जुड़े संकेतों पर निर्भर करेगी। यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है और ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना बढ़ती है, तो सोने पर निकट अवधि में दबाव जारी रह सकता है। -आईएएनएस

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