पेटीएम के 1,686 करोड़ रुपए के अप्रयुक्त आईपीओ फंड से संचालन में अनुशासन का संकेत
आईपीओ आने के करीब पांच साल बाद भी पेटीएम के पास 1,686 करोड़ रुपए की आईपीओ राशि अप्रयुक्त है।
एप्पल आईफोन के अलावा भारत में अन्य उत्पादों की भी बढ़ा सकता है मैन्युफैक्चरिंग : अश्विनी वैष्णव
मीडिया द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या एप्पल भारत में आईफोन के अलावा अन्य उत्पादों का निर्माण कर सकता है? इसका जवाब वैष्णव ने "हां" में दिया। इससे संकेत मिलता है कि भारत में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग और उत्पाद इकोसिस्टम का और विस्तार हो सकता है।
नए पिक्सल 11 सीरीज के साथ भारत पर बड़ा दांव लगा रहा गूगल, स्थानीय विनिर्माण और एआई पर बढ़ा फोकस
अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल ने भारत में अपनी नई पिक्सल 11 सीरीज लॉन्च करते हुए देश को अपने वैश्विक विस्तार और विनिर्माण रणनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के संकेत दिए हैं।
भारत के डीपटेक क्षेत्र ने वर्ष 2015 से अब तक 11.4 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित किया: रिपोर्ट
सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के डीपटेक सेक्टर ने वर्ष 2015 से 2026 के बीच अब तक निजी इक्विटी (पीई) और वेंचर कैपिटल (वीसी) निवेश में लगभग 11.4 अरब डॉलर आकर्षित किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टार्टअप फंडिंग में व्यापक सुस्ती के बावजूद 2025 डीपटेक निवेश के लिए अब तक का सबसे मजबूत वर्ष बनकर उभरा है।
एआई से प्रभावित क्षेत्रों में युवा रोजगार में भारी गिरावट, जनरेटिव एआई के आने के बाद रोजगार पर बढ़ा दबाव: बीओके
सेंट्रल बैंक की मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते उपयोग का असर रोजगार बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। जनरेटिव एआई तकनीकों, विशेषकर चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट्स के आने के बाद एआई से अधिक प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं के रोजगार में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
यूपीआई ट्रांजैक्शन पर उपयोगकर्ताओं से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा, व्यापारियों के लिए भी अधिकांश ट्रांजैक्शन रहेंगे मुफ्त: सरकार
केंद्र सरकार ने यूपीआई ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं के बीच शनिवार को स्पष्ट किया कि यूपीआई से भुगतान करने वाले आम नागरिकों से किसी भी तरह का ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकार ने कहा है कि व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले सभी यूपीआई ट्रांजैक्शन भी पूरी तरह निःशुल्क बने रहेंगे। साथ ही, व्यापारियों के लिए भी यूपीआई के अधिकांश ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
ग्राहकों के लिए यूपीआई बना रहेगा मुफ्त और एमडीआर पर चल रही बहस से छोटे व्यापारी नहीं होंगे प्रभावित: पीसीआई
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाए जाने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि आम उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई पूरी तरह मुफ्त बना रहेगा। साथ ही छोटे कारोबारियों को भी यूपीआई भुगतान स्वीकार करने पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा।