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सिंगल चार्ज में 1,008 किलोमीटर दौड़ी Renault की इलेक्ट्रिक कार, हाईवे स्पीड पर बनाया अनोखा रिकॉर्ड

Source : business.khaskhabar.com | Jan 02, 2026 | businesskhaskhabar.com Automobile News Rss Feeds
 renault electric car ran 1008 kilometers on a single charge setting a unique record at highway speeds 780816हाईवे जैसी गति पर रियल कंडीशन में हुआ टेस्ट, EV सेगमेंट के लिए बना नया मानक
जब भी इलेक्ट्रिक कारों की बात होती है, सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि एक चार्ज में यह कितनी दूर जा सकती है। इसी सवाल का ऐसा जवाब फ्रांस की ऑटो कंपनी रेनो ने दे दिया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कंपनी की खास डेवलपमेंट कार फिलांटे (Filante) ने एक बार चार्ज होने के बाद 1,008 किलोमीटर की दूरी तय कर एक रिकॉर्ड बना दिया। खास बात यह रही कि यह उपलब्धि सिर्फ किसी लैब टेस्ट या नियंत्रित माहौल में नहीं, बल्कि वास्तविक ड्राइविंग कंडीशन जैसी स्पीड पर हासिल की गई।
मोरक्को के ट्रैक पर 9 घंटे 52 मिनट की ड्राइव, औसत स्पीड ने सबको चौंकायायह रिकॉर्ड 18 दिसंबर को मोरक्को के UTAC टेस्ट ट्रैक पर बनाया गया। इस दौरान कार को बहुत धीमी रफ्तार पर नहीं चलाया गया, बल्कि पूरी ड्राइव में औसत गति करीब 102 किलोमीटर प्रति घंटा बनी रही, जो सामान्य हाईवे ड्राइविंग जैसी ही है। कुल 1,008 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब 9 घंटे 52 मिनट लगे और यही बात इस रिकॉर्ड को और खास बनाती है, क्योंकि यह EV पर भरोसा बढ़ाने वाले असली ड्राइविंग अनुभव जैसा परिणाम है।बड़ी बैटरी नहीं, स्मार्ट इंजीनियरिंग से मिला कमाल, फिर भी 11% चार्ज बचा रहाइस रिकॉर्ड में सबसे बड़ा सरप्राइज यह रहा कि कार में कोई अत्यधिक बड़ी बैटरी इस्तेमाल नहीं की गई। इसमें 87 kWh की वही बैटरी लगी, जो रेनो की प्रोडक्शन कार Scenic E-Tech Electric में मिलती है। इसके बावजूद कार ने बेहद प्रभावी 7.8 kWh प्रति 100 किलोमीटर की ऊर्जा खपत दर्ज की। इतना ही नहीं, 1,008 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद भी बैटरी में लगभग 11% चार्ज बचा रहा, जिससे अनुमान लगाया गया कि कार करीब 120 किलोमीटर और चल सकती थी।
हल्के वजन, बेहतर एयरोडायनामिक्स और नई तकनीक का दिखा कमालरेनो ने इस रिकॉर्ड के लिए बैटरी बढ़ाने के बजाय पूरे वाहन को स्मार्ट तरीके से डिजाइन किया। फिलांटे रिकॉर्ड 2025 का वजन सिर्फ करीब 1,000 किलो रखा गया, जिसके लिए कार्बन फाइबर, हल्के एल्युमिनियम और 3D प्रिंटेड पार्ट्स का इस्तेमाल किया गया। हवा के दबाव को कम करने के लिए कार का डिजाइन बदला गया, ड्रैग कोएफिशिएंट 0.40 से घटाकर 0.30 कर दिया गया, पहियों के ऊपर कवर और छोटे एयर इनटेक दिए गए, ताकि हाई स्पीड पर भी ऊर्जा की कम खपत हो सके। साथ ही स्टीयर-बाय-वायर और ब्रेक-बाय-वायर जैसी एडवांस तकनीकें, खास लो-रोलिंग रेसिस्टेंस टायर्स और बेहतर इंजीनियरिंग ने इसे भविष्य की कार तकनीक का मजबूत उदाहरण बना दिया।
EV के भविष्य की नई परिभाषा, अब दूरी नहीं होगी चिंताइस रिकॉर्ड ने साफ कर दिया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य सिर्फ बड़ी बैटरी पर निर्भर नहीं है, बल्कि डिजाइन, स्मार्ट टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग पर आधारित है। एक चार्ज में 1,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी अब कोई कल्पना नहीं, बल्कि सही सोच और सही तकनीक का नतीजा साबित हो चुकी है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी ऑटो सेक्टर में सामने आई रिपोर्ट्स और उपलब्ध अपडेड डेटा पर आधारित है। आधिकारिक तकनीकी विवरण और आगे की जानकारी निर्माता कंपनी द्वारा जारी किए गए अपडेट्स के अनुसार स्वीकार्य होगी।

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