businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

वैश्विक अनिश्चितताएं बढ़ने के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत : आरबीआई

Source : business.khaskhabar.com | Jun 26, 2025 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 indias economy is strong despite rising global uncertainties rbi 732009नई दिल्ली। हाल ही में जारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मासिक आर्थिक बुलेटिन के अनुसार, मई 2025 के लिए वैश्विक अनिश्चितता के बीच अलग-अलग हाई-फ्रिक्वेंसी इंडीकेटर्स भारत में औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में मजबूत आर्थिक गतिविधि की ओर इशारा करते हैं।

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि कृषि ने 2024-25 के दौरान अधिकांश प्रमुख फसलों के उत्पादन में व्यापक आधार पर वृद्धि दर्ज की। घरेलू कीमतों की स्थिति सौम्य बनी हुई है और मई में लगातार चौथे महीने हेडलाइन मुद्रास्फीति लक्ष्य से नीचे रही।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वित्तीय स्थितियां ऋण बाजार में दरों में कटौती के ट्रांसमिशन की सुविधा के लिए अनुकूल बनी हुई हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिर स्थिति में है, जो व्यापार नीति अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों में वृद्धि के दोहरे झटकों से जूझ रही है।

हालांकि, घरेलू मोर्चे पर, मई में जारी अनंतिम अनुमानों ने 2024-25 में भारत की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने की पुष्टि की है, जिसमें चौथी तिमाही में महत्वपूर्ण क्रमिक वृद्धि होगी।

मई के लिए अलग-अलग हाई-फ्रिक्वेंसी इंडिकेटर्स औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में मजबूत आर्थिक गतिविधि के संकेत देते हैं।

परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) के लिए सर्वे किए गए देशों में भारत में गतिविधि में समग्र विस्तार सबसे अधिक रहा, जिसमें मई में देखे गए नए निर्यात ऑर्डर में विस्तार अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में देखे गए कॉन्ट्रैक्शन के बीच एक अपवाद था।

मई के लिए कुल मांग के हाई-फ्रिक्वेंसी इंडिकेटर्स ने भी ग्रामीण मांग में वृद्धि का सुझाव दिया। कंज्यूमर सेंटीमेंट के दूरदर्शी सर्वेक्षण वर्तमान अवधि के लिए स्थिर उपभोक्ता विश्वास और भविष्य के बारे में बेहतर आशावाद दिखाते हैं।

आरबीआई बुलेटिन में कहा गया है कि वैश्विक आर्थिक, व्यापार और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद ये सभी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दिखाते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू मुद्रास्फीति सौम्य बनी हुई है और मई में लगातार चौथे महीने हेडलाइन मुद्रास्फीति लक्ष्य से नीचे रही।

2024-25 के कृषि सत्र में रिकॉर्ड घरेलू फसल उत्पादन खाद्य मूल्य मुद्रास्फीति में तेज और निरंतर कमी का संकेत दे रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, अस्थिर और ऊंचे सोने और चांदी की कीमतों के प्रभाव को छोड़कर कुछ नरमी के संकेतों के साथ स्थिर कोर मुद्रास्फीति यह दर्शाती है कि अंतर्निहित मुद्रास्फीति दबाव शांत बना हुआ है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इकोनॉमिक आउटलुक, टैरिफ संबंधी समाचार और विकसित होते घरेलू परिदृश्य पर वैश्विक संकेतों के कारण उतार-चढ़ाव के बावजूद मई-जून के दौरान इक्विटी बाजारों में मामूली वृद्धि दर्ज की गई।

मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के साथ ही इक्विटी बाजार में कुछ समय के लिए तेज गिरावट दर्ज की गई, लेकिन 20 जून को इसमें शानदार उछाल देखने को मिला।

आरबीआई बुलेटिन में आगे कहा गया है कि हालांकि अप्रैल में ऋण वृद्धि में कमी आई, खास तौर पर कृषि और सेवा क्षेत्रों में लेकिन गैर-बैंक ऋण स्रोतों, जिसमें बाहरी वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) शामिल है, में लगातार अच्छी वृद्धि जारी रही, हालांकि मार्च से इसमें नरमी आई। कुल मिलाकर, वित्तीय स्थितियां ऋण बाजार में दरों में कटौती को प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए अनुकूल बनी रहीं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आयात और बाहरी ऋण के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार के साथ बाहरी क्षेत्र में मजबूती बनी रही।
--आईएएनएस

[@ खूब खाइए हरी सब्जियां घटेगा मोतियाबिंद का खतरा]


[@ दही से पाएं नर्म मुलायम त्वचा]


[@ क्या आप जानते है खांसी का इलाज है चॉकलेट!]



Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0