businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल: आरबीआई

Source : business.khaskhabar.com | July 23, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 despite global uncertainties india remains among the world fastest growing major economies rbi 830866नई दिल्ली । वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है और जून तक आर्थिक गतिविधियों की तेज रफ्तार को बनाए रखने में सफल रहा है। साथ ही, देश में औद्योगिक और सेवा क्षेत्र के संकेतक मजबूत बने हुए हैं। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से दी गई।  
आरबीआई के मुताबिक, कृषि क्षेत्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून का वितरण असमान रहा है, लेकिन खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार होने के कारण खाद्य मुद्रास्फीति पर इसका असर सीमित रहने की संभावना है।
आरबीआई के जुलाई बुलेटिन के अनुसार, "वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में निर्यात और आयात में मजबूत वृद्धि के चलते विदेशी व्यापार की रफ्तार बनी रही। हाल ही में भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के लागू होने तथा अन्य द्विपक्षीय व्यापार समझौतों में प्रगति से इस गति को और मजबूती मिलने की संभावना है।"
केंद्रीय बैंक ने कहा कि बाह्य क्षेत्र की संवेदनशीलता से जुड़े संकेतक भी मजबूत बने हुए हैं। हाल के महीनों में विदेशी निवेश में आई रिकवरी से अर्थव्यवस्था में निवेशकों के भरोसे की वापसी दिखाई देती है।
बुलेटिन में कहा गया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अभी भी अनिश्चित आर्थिक माहौल, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और बिखरे हुए व्यापारिक संबंधों जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है।
इसके बावजूद, मजबूत घरेलू मांग और औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्रों के लचीले प्रदर्शन के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था ने बाहरी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है।
आरबीआई ने कहा, "जून में खुदरा महंगाई में मामूली बढ़ोतरी हुई, जबकि कीमती धातुओं को छोड़कर मुख्य मुद्रास्फीति निम्न स्तर पर बनी रही। तरलता की स्थिति और बेहतर हुई, जिससे मजबूत ऋण वृद्धि को समर्थन मिला। विदेशी निवेश के प्रवाह की बदौलत भारत का बाह्य क्षेत्र स्थिर बना हुआ है और इसका परिदृश्य भी बेहतर हो रहा है।"
अप्रैल-मई 2026 के दौरान सकल और शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिक रहा। वहीं, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) का शुद्ध प्रवाह जून में सकारात्मक हो गया और नीतिगत समर्थन तथा भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बीच जुलाई में भी सकारात्मक बना रहा।
आरबीआई ने कहा कि जून में भारतीय शेयर बाजारों में बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, जुलाई की शुरुआत में युद्धविराम समाप्त होने के बाद शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार करते रहे।
केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि मार्च 2026 के अंत तक भारत के प्रमुख बाह्य क्षेत्रीय जोखिम संकेतक मजबूत और संतुलित स्थिति में बने हुए थे। 

[@ 5 अनोखे होम टिप्स से पाएं खूबसूरत त्वचा ]


[@ फिल्म का ट्रेलर ही 7 घंटे का तो पूरी फिल्म....]


[@ यह बच्चा धीरे धीरे बनता जा रहा है पत्थर!]


Headlines


Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0