डीजल घाटा 8.37 रूपये प्रति लीटर
Source : business.khaskhabar.com | Mar 04, 2014 | 

नई दिल्ली| पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) ने फरवरी के दूसरे पखवाड़े के दौरान कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों की समीक्षा की। इसके तहत एक मार्च से लागू मार्च के पहले पखवाड़े में हाई-स्पीड डीजल का घाटा बढ़कर 8.37 रुपये प्रति लीटर हो गया। यह फरवरी के दूसरे पखवाड़े में 8.31 रुपये प्रति लीटर था। केरोसिन और घरेलू रसोई गैस के मामले में घाटा मार्च, 2014 में क्रमश: 36.34 रुपये प्रति लीटर और 605.80 रुपये प्रति सिलेंडर रहा। केरोसिन और घरेलू रसोई गैस पर घाटे की गणना प्रति माह आधार पर की जाती है।
इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत केरोसिन तेल पर 0.82 रुपये प्रति लीटर और घरेलू रसोई गैस पर 22.58 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी सरकार द्वारा दी जा रही है। तेल विपणन कंपनियों को इस समय (1 मार्च से प्रभावी) डीजल, केरोसिन तेल और घरेलू एलपीजी की बिक्री पर सामूहिक रुप से प्रतिदिन लगभग 411 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है।
तेल विपणन कंपनियों ने वित्त वर्ष 2013-14 के पहले नौ महिनों (अप्रैल-दिसंबर) के दौरान डीजल, पीडीएस केरोसिन, घरेलू रसोई गैस पर 1,00,632 करोड़ रुपये के घाटे की खबर दी है।
भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की दैनिक कीमत शुक्रवार, 28 फरवरी को मामूली रूप से घटकर 106.44 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इससे पिछले कारोबारी दिन 27 फरवरी को यह 106.62 डॉलर प्रति बैरल थी। रुपये की ²ष्टि से कच्चे तेल की कीमत 28 फरवरी को 6,606.73 रुपये प्रति बैरल हो गई, जबकि 27 फरवरी को यह 6,604.04 रुपए प्रति बैरल थी। रुपये और डॉलर की विनिमय दर 28 फरवरी को 62.07 रुपये प्रति डॉलर रही, जो 27 फरवरी को 61.94 प्रति अमेरिकी डॉलर थी।