जीएसटी सुधारों से कम टैक्स में भी ज्यादा राजस्व बढ़ोतरी संभव : रिपोर्ट
रिपोर्ट में बताया गया है कि पहले माना जाता था कि टैक्स जितना ज्यादा होगा, सरकार को उतनी ज्यादा कमाई होगी। लेकिन हाल के आंकड़ों से यह सोच गलत साबित हुई है। अक्टूबर 2025 में जीएसटी संग्रह 1.95 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ गया, जो पिछले साल की तुलना में 4.5 प्रतिशत ज्यादा है। यह दिखाता है कि लोग अब ज्यादा ईमानदारी से टैक्स दे रहे हैं।
सकारात्मक आउटलुक के बीच वेदांता का शेयर सर्वकालिक उच्च स्तर ₹599.80 पर
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल सिल्वर को लेकर लगातार आशावादी बने हुए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “इस साल सिल्वर ने अपने कीमती धातु भाई गोल्ड की छाया से बाहर निकलकर शानदार प्रदर्शन किया है। डॉलर के लिहाज से सिल्वर में साल-दर-साल 125% की बढ़त दर्ज हुई है, जबकि गोल्ड ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 63% रिटर्न दिया। सिल्वर की कहानी अभी शुरू ही हुई है।”
जान्हवी कपूर बनीं न्यू बैलेंस की पहली भारतीय ब्रांड एंबेसडर
इस साझेदारी पर बात करते हुए जान्हवी कपूर ने कहा, मैं हमेशा से न्यू बैलेंस को उसकी इनोवेशन के प्रति प्रतिबद्धता और इंडिविजुअलिटी को सेलिब्रेट करने के लिए पसंद करती आई हूँ। यह ऐसा ब्रांड है जो आपको अपनी कहानी खुद अपनाने के लिए प्रेरित करता है, और यही बात मुझसे गहराई से जुड़ती है। मेरे लिए फैशन और फिटनेस हमेशा खुद के प्रति सच्चे रहने के बारे में रहे हैं और न्यू बैलेंस मुझे उस कॉन्फिडेंस और ऑथेंटिसिटी को एक्सप्रेस करने का मौका देता है। न्यू बैलेंस फैमिली का हिस्सा बनकर मैं खुद को बेहद सम्मानित महसूस कर रही हूँ और इस जर्नी को लेकर उत्साहित हूँ।
2026 में विदेशी निवेशकों की भारत में वापसी, बैंकिंग और एनबीएफसी सेक्टर में बढ़त की उम्मीद : रिपोर्ट
वित्त वर्ष 2027 में बेहतर आय बढ़ोतरी और अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते की संभावनाओं के चलते आने वाले नए साल यानी 2026 में विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भारत में वापसी कर सकते हैं।
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से भारतीय उत्पादों को मिलेगी वैश्विक पहचान, कृषि निर्यात से किसानों को होगा बड़ा फायदा
हाल ही में भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) ने भारतीय निर्यातकों के लिए एक नया अवसर खोला है। इस समझौते से भारत के टेक्सटाइल, मरीन प्रोडक्ट्स, इंजीनियरिंग और एमएसएमई सेक्टर को बड़ी राहत मिल सकती है।
भारत में तेजी से बढ़ रही 'क्रिएटर इकोनॉमी', 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर खर्च होने का अनुमान : रिपोर्ट
भारत में 20 से 25 लाख डिजिटल क्रिएटर्स (ऑनलाइन कंटेंट बनाने वाले लोग) हैं, जो 30 प्रतिशत से ज्यादा उपभोक्ताओं को यह तय करने में मदद करते हैं कि वे कौन-सी चीज खरीदें।