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मजबूत औद्योगिक मांग के चलते भारत में वेयरहाउसिंग की मांग तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची: रिपोर्ट

Source : business.khaskhabar.com | Nov 03, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 warehousing demand in india reaches three year high due to strong industrial demand report 858322नई दिल्ली । मजबूत औद्योगिक मांग और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में तेजी के चलते भारत के वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र ने 2026 में रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की जुलाई-सितंबर तिमाही में देशभर में 1.058 करोड़ वर्गफुट (10.58 मिलियन स्क्वायर फीट) वेयरहाउस स्पेस का अवशोषण (लीजिंग) दर्ज किया गया, जबकि 2026 के पहले नौ महीनों में कुल अवशोषण बढ़कर 3.26 करोड़ वर्गफुट (32.6 मिलियन स्क्वायर फीट) तक पहुंच गया, जो पिछले तीन वर्षों का सबसे उच्च स्तर है। 
वेस्टियन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और व्यापक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद वेयरहाउसिंग क्षेत्र में मांग मजबूत बनी रही। तिमाही आधार पर लीजिंग गतिविधि में 0.2 प्रतिशत और सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही के दौरान इस क्षेत्र में 33.2 करोड़ डॉलर (332 मिलियन डॉलर) का संस्थागत निवेश आकर्षित हुआ। यह कुल तिमाही निवेश का 17 प्रतिशत हिस्सा रहा, जो पिछले दो वर्षों में किसी भी तिमाही का सबसे ऊंचा स्तर है।
वेस्टियन के सीईओ श्रीनिवास राव ने कहा कि भारत का वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र अब पारंपरिक मांग स्रोतों से आगे बढ़ रहा है। थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स (3पीएल) के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि लगातार मजबूत मांग, बुनियादी ढांचे में सुधार और सरकारी नीतिगत समर्थन इस क्षेत्र की दीर्घकालिक संभावनाओं को और मजबूत बना रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में बढ़ती खपत, विनिर्माण गतिविधियों का विस्तार और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाओं की बढ़ती जरूरत निवेशकों को आकर्षित कर रही है। यही वजह है कि आधुनिक और तकनीक-आधारित वेयरहाउसिंग परिसंपत्तियों में निवेश का रुझान मजबूत बना हुआ है।
सेक्टोरल हिस्सेदारी की बात करें तो 3पीएल क्षेत्र तीसरी तिमाही में भी सबसे बड़ा लीजिंग सेगमेंट रहा, हालांकि इसकी हिस्सेदारी पिछली तिमाही के 41 प्रतिशत से घटकर 29 प्रतिशत रह गई। इसके बाद इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत और ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स क्षेत्र की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत रही।
शहरों के आधार पर चेन्नई ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जहां 28.9 लाख वर्गफुट (2.89 मिलियन स्क्वायर फीट) का लीजिंग दर्ज किया गया, जो तिमाही आधार पर 320 प्रतिशत और सालाना आधार पर 156 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
मुंबई 27 लाख वर्गफुट (2.70 मिलियन स्क्वायर फीट) के लीजिंग के साथ दूसरे स्थान पर रहा। हालांकि यहां तिमाही आधार पर 46 प्रतिशत और सालाना आधार पर 37 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं पुणे 22 लाख वर्गफुट (2.2 मिलियन स्क्वायर फीट) के अवशोषण के साथ तीसरे स्थान पर रहा और यहां सालाना आधार पर 245 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से लगातार बढ़ती मांग आधुनिक और तकनीक-सक्षम वेयरहाउसिंग सुविधाओं के उपयोग को और बढ़ाएगी। इससे स्थापित लॉजिस्टिक्स हब्स के साथ-साथ उभरते हुए वेयरहाउसिंग केंद्रों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
--आईएएनएस
 

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