businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

सेबी बोर्ड की बैठक में पीएमएस में सुधार और एफपीआई की पहुंच बढ़ाने पर विचार किए जाने की संभावना : रिपोर्ट

Source : business.khaskhabar.com | Sep 23, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 sebi board meeting likely to consider reforms in pms and increasing fpi access report 847201
बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली 

सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) की इस सप्ताह होने वाली बोर्ड बैठक में पूंजी बाजार से जुड़े करीब एक दर्जन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किए जाने की संभावना है। इनमें पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (पीएमएस) नियमों में व्यापक बदलाव, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए बाजार पहुंच का विस्तार, सेटलमेंट नियमों की समीक्षा और मान्यता प्राप्त निवेशक ढांचे को मजबूत करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। 

रिपोर्टों के अनुसार, सेबी पीएमएस ढांचे में बड़े बदलावों पर विचार कर सकता है, जिससे निवेश विकल्पों का दायरा बढ़ेगा और अनुपालन प्रक्रियाएं अधिक सरल हो सकती हैं। प्रस्तावित सुधारों के तहत पीएमएस प्रबंधकों को विदेशी प्रतिभूतियों में निवेश की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत सूचीबद्ध विदेशी शेयरों और ऋण प्रतिभूतियों के अलावा ऐसे विदेशी म्यूचुअल फंडों में भी निवेश की अनुमति मिल सकती है, जो विदेशी इक्विटी, डेट और रीट्स में निवेश करते हैं। हालांकि ऐसे निवेश विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (एफईएमए), लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) की सीमाओं और ग्राहकों की स्पष्ट सहमति के अधीन होंगे। 

सेबी उन प्रतिभूतियों में निवेश की अनुमति देने पर भी विचार कर रहा है जो अभी सूचीबद्ध नहीं हुई हैं लेकिन सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया में हैं। इसके अलावा विवेकाधीन पीएमएस प्रबंधकों को ग्राहकों की कुल प्रबंधित परिसंपत्तियों (एयूएम) का 10 प्रतिशत तक निवेश-योग्य गैर-सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों में निवेश की छूट देने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। प्रस्तावित सुधारों में डिमैट पोर्टेबिलिटी, डिजिटल प्रकटीकरण दस्तावेज, सरल रिपोर्टिंग व्यवस्था, डीलिंग रूम और योग्यता संबंधी नियमों में ढील तथा पावर ऑफ अटॉर्नी से जुड़े प्रावधानों को आसान बनाना भी शामिल है। 

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए भी कुछ अहम बदलाव प्रस्तावित हैं। रिपोर्टों के अनुसार, एफपीआई को भौतिक डिलीवरी वाले गैर-कृषि कमोडिटी डेरिवेटिव्स में भागीदारी की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि उन्हें डिलीवरी अवधि शुरू होने से तीन दिन पहले अपनी पोजिशन बंद या रोलओवर करनी होगी। सेबी सेटलमेंट ढांचे की समीक्षा पर भी विचार कर सकता है। 

प्रस्ताव के अनुसार, सेटलमेंट राशि को प्रतिभूति कानूनों के तहत निर्धारित न्यूनतम दंड से जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा 10 लाख रुपए तक के मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक सेटलमेंट व्यवस्था और आवेदन की समयसीमा 60 दिनों से बढ़ाकर 90 दिन करने का प्रस्ताव भी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में विज्ञापन मानकों (कॉमन एडवरटाइजिंग कोड) को एकरूप बनाने के लिए सेबी कॉमन एडवरटाइजिंग कोड पर भी विचार कर सकता है, जिसका उद्देश्य स्टॉक ब्रोकर, म्यूचुअल फंड, पोर्टफोलियो मैनेजर, निवेश सलाहकार, रिसर्च विश्लेषक और अन्य मध्यस्थों के लिए एक समान विज्ञापन मानक लागू करना है। 

इसके अलावा रीट्स (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स) और इनविट्स (इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स) को डिपॉजिटरी रिसीट्स के माध्यम से विदेशी पूंजी जुटाने की अनुमति देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। इससे इन प्लेटफॉर्म्स के लिए वैश्विक निवेशकों तक पहुंच आसान होने की संभावना है।-आईएएनएस

[@ यहां "पवित्र" लडकियों को मिलती है स्कॉलरशिप]


[@ Pics: एलियंस से संबंध, 13 बच्चों को दिया जन्म]


[@ ये जेट साइकिल उडा देगी आपके होश]



Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0