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भारत के क्विक कॉमर्स मार्केट का आकार वित्त वर्ष 31 तक 90 अरब डॉलर पर पहुंचने की उम्मीद

Source : business.khaskhabar.com | Oct 07, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 india quick commerce market expected to reach $90 billion by fy31 851182नई दिल्ली । भारत का क्विक कॉमर्स मार्केट वित्त वर्ष 26 में करीब 13 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 31 तक 90 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, देशभर में हर महीने लेनदेन करने वाले यूजर्स की संख्या 10 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। यह जानकारी बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। 
गूगल और रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट के अनुसार, निकट अवधि में क्विक कॉमर्स बाजार में मजबूत तेजी बनी रहने की संभावना है। इस त्योहारी सीजन में क्विक कॉमर्स की बिक्री सालाना आधार पर 110 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है, जो ऑनलाइन त्योहारी खर्च का करीब 18 प्रतिशत होगा।
रिपोर्ट में कहा गया कि इस क्षेत्र की निकट अवधि की वृद्धि को मेट्रो शहरों में बढ़ते वॉलेट शेयर और यूजर्स की तेजी से बढ़ती संख्या से मजबूती मिल रही है। वित्त वर्ष 31 तक क्विक कॉमर्स की अतिरिक्त वृद्धि में मेट्रो शहरों की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। मेट्रो शहरों के रिटेल खर्च में क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी वर्तमान में करीब 6 प्रतिशत से बढ़कर 20-23 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
इसी अवधि में मेट्रो शहरों में क्विक कॉमर्स यूजर्स की संख्या 2.8 करोड़ से लगभग दोगुनी होकर करीब 5 करोड़ हो जाने का अनुमान है।
शहरी खरीदारी की आदतों में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाने के बाद क्विक कॉमर्स अब कैटेगरी और भौगोलिक विस्तार के व्यापक चरण में प्रवेश कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस अगले चरण की वृद्धि का लाभ उठाने के लिए प्लेटफॉर्म और ब्रांड्स को किराना सेगमेंट में और गहराई तक पैठ बनानी होगी। इसके लिए ग्राहकों को केवल जरूरत के समय अतिरिक्त सामान मंगाने वाले ‘टॉप-अप ऑर्डर’ से आगे बढ़ाकर हर महीने घर के राशन और पेंट्री की नियमित भरपाई की ओर ले जाना होगा।
ब्रांड्स को स्टॉक की ताजगी, सप्लाई चेन में पारदर्शिता, बड़े पैक की उपलब्धता और कीमत के लिहाज से बेहतर पैकिंग का लाभ उठाना चाहिए। इसके साथ ही, प्लेटफॉर्म और ब्रांड्स लक्षित रीप्लेनिशमेंट मार्केटिंग और दोबारा ऑर्डर करने के लिए रिमाइंडर का इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि ग्राहकों में नियमित रूप से सामान दोबारा मंगाने की आदत विकसित हो।
गूगल इंडिया में क्विक कॉमर्स और फूडटेक के इंडस्ट्री हेड करण दुगल ने कहा कि भारत में क्विक कॉमर्स अब एक ही तरह के बिजनेस मॉडल तक सीमित नहीं है। मेट्रो और गैर-मेट्रो शहरों में खरीदारी के व्यवहार में तेजी से बदलाव आ रहा है और इसमें रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं से लेकर महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स तक शामिल हैं।
दुगल ने कहा, “जैसे-जैसे इंडस्ट्री हर महीने लेनदेन करने वाले 10 करोड़ यूजर्स के महत्वपूर्ण पड़ाव की ओर बढ़ रही है, सफलता उन ब्रांड्स को मिलेगी जो इन छोटे-छोटे अंतर और बारीकियों को समझते हैं। गूगल में हम ब्रांड्स को इस बड़े पैमाने पर आगे बढ़ने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके तहत पहली बार खरीदारी करने वाले ग्राहकों के साथ गहरा भरोसा कायम करना, पुराने ग्राहकों को सटीक तरीके से दोबारा जोड़ना और लंबे समय तक ब्रांड के प्रति वफादारी विकसित करना शामिल है।”
--आईएएनएस
 

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