businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

सीटीआई ने भैया दूज तक रैलियों और प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग की, एक महीने में 14,000 करोड़ के नुकसान का किया दावा 

Source : business.khaskhabar.com | Nov 03, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 cti demands ban on rallies and demonstrations until bhaiya dooj claims losses of ₹14000 crore in a month 858277
नई दिल्ली । चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को एक पत्र लिखकर मांग की है कि 11 नवंबर को भैया दूज तक दिल्ली में विशेषकर कनॉट प्लेस, जंतर मंतर, रामलीला मैदान, इंडिया गेट, राजघाट, दिल्ली गेट सहित सेंट्रल दिल्ली और पुरानी दिल्ली में किसी भी रैली, धरना प्रदर्शन, प्रोटेस्ट मार्च की अनुमति न दी जाए। 
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि रैलियों और धरनों की वजह से व्यापारियों को पहले ही काफी आर्थिक नुकसान हो चुका है। अब वे और अधिक व्यवधान झेलने की स्थिति में नहीं हैं, खासकर त्योहारों की खरीदारी के इस पीक सीजन में।
सीटीआई के मुताबिक, 1 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच दिल्ली में व्यवसायों को लगभग 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
सीटीआआई का दावा है कि अक्टूबर के पूरे महीने जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, पटेल चौक और जनपथ पर लगातार प्रदर्शन और विरोध मार्च होने के कारण सेंट्रल दिल्ली में हमेशा ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। इसके परिणामस्वरूप कनॉट प्लेस, जनपथ, पालिका बाजार, खान मार्केट, करोलबाग, पहाड़गंज और कमला मार्केट में रिटेल व्यवसायों, होटलों, रेस्तरां और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को 1 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
व्यापारी संगठन ने दावा किया कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में आयोजित मेगा रैली के कारण कई क्षेत्रों में लगभग 11,000 करोड़ रुपये का कारोबारी नुकसान हुआ। इसमें से खुदरा और थोक व्यापार क्षेत्र को लगभग 8,800 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
सीटीआई ने बताया कि रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में लगभग तीन लाख दुकानें हैं। इनमें कश्मीरी गेट, मोरी गेट, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, खारी बावली, नया बाजार, सदर बाजार, अजमेरी गेट, दरियागंज, पहाड़गंज, कमला मार्केट, जामा मस्जिद, भागीरथ पैलेस, लाजपत राय मार्केट, किनारी बाजार, दरीबा कलां, बल्लीमारान, फतेहपुरी, तिलक बाजार, कनॉट प्लेस, पालिका बाजार, गफ्फार मार्केट और करोल बाग जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्र शामिल हैं।
संगठन ने दावा किया कि रैली वाले दिन लगभग 2.5 लाख दुकानें पूरी तरह से बंद रहीं, जिससे करीब 80 प्रतिशत व्यावसायिक गतिविधियां ठप हो गईं।
संगठन के अनुसार, यह रैली साल के सबसे व्यस्त खरीदारी वाले समय में हुई, ठीक धनतेरस (6 नवंबर) और दिवाली (8 नवंबर) से पहले।
संगठन ने यह भी दावा किया कि इस रैली के कारण लगभग 3-4 लाख ग्राहकों के बीच घबराहट फैल गई। ये ग्राहक नियमित रूप से दिल्ली के बाजारों में आते हैं और सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बहादुरगढ़ और झज्जर जैसे आसपास के करीब 100 शहरों और कस्बों से आते हैं। बताया जा रहा है कि कई ग्राहकों ने अपनी खरीदारी की योजना रद्द कर दी।
सीटीआई ने ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में 1,500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। उनका कहना है कि रामलीला मैदान के 10 किलोमीटर के दायरे में वाहनों और सामान की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। सामान चढ़ाने और उतारने का काम पूरी तरह रुक गया, जिससे प्रमुख बाजारों में माल की आवाजाही पर असर पड़ा।
व्यापारी संगठन के मुताबिक, नरेला, बवाना, ओखला, मायापुरी, मुंडका और उद्योग नगर समेत 56 औद्योगिक क्षेत्रों से लगभग 5,000 ट्रक और टेम्पो रोजाना इन बाजारों में सामान लेकर आते हैं। इसके अलावा, 3,000 ट्रक दिल्ली से देश के अलग-अलग हिस्सों और नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) तक सामान पहुंचाते हैं।
सीटीआई ने बताया कि रैली के दौरान पूरी सप्लाई चेन बाधित हो गई। वहीं, एलजेएन मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग और नेताजी सुभाष मार्ग पर बसें, कारें और टेम्पो फंस गए। संगठन ने आगे कहा कि हजारों ट्रांसपोर्ट वाहन ट्रैफिक जाम में फंस गए, जिससे ड्राइवर और हेल्पर बिना पर्याप्त खाने-पीने के सामान के वहीं फंसकर रह गए।
सीटीआई के अनुसार, होटल, रेस्तरां, हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म सेक्टर को लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। संगठन ने दावा किया कि कनॉट प्लेस, करोल बाग, पहाड़गंज, चांदनी चौक और दरियागंज में 2,000 से ज्यादा होटलों, रेस्तरां, गेस्ट हाउस और खाने-पीने की जगहों पर बुकिंग रद्द कर दी गई। लाल किला, जामा मस्जिद और चांदनी चौक जैसी मशहूर जगहों पर जाने वाले पर्यटकों (देश-विदेश के सैलानियों) को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
व्यापारी संगठन के अनुसार, असंगठित क्षेत्र और दिहाड़ी मजदूरों को लगभग 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। संगठन ने बताया कि इन बाजारों में काम करने वाले 20 लाख कर्मचारी, लोडर, ऑटो और ई-रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी वाले, पोर्टर और कुली की एक दिन की दिहाड़ी मारी गई। सबसे ज्यादा मार गरीब मजदूरों पर पड़ी है।
आने वाले त्योहारों के सीज़न को लेकर चिंता जताते हुए गोयल ने कहा कि 6 नवंबर को धनतेरस, 8 नवंबर को दिवाली और 11 नवंबर को भैया दूज है। उन्होंने कहा कि अगले 10 दिन दिल्ली के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से जुड़े लगभग 20 लाख व्यापारियों और 75 लाख कर्मचारियों के लिए साल का सबसे बड़ा कारोबारी मौका हैं।
गोयल ने कहा, "अगर रोज-रोज रैलियां और विरोध-प्रदर्शन होते रहे, तो दिवाली का पूरा कारोबार बर्बाद हो जाएगा। व्यापारी अब और नुकसान सहने की स्थिति में नहीं हैं।"
सीटीआई ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर के सामने तीन मांगें रखी हैं। पहली यह कि 11 नवंबर तक कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर, रामलीला मैदान या इंडिया गेट पर किसी भी रैली, विरोध-प्रदर्शन या धरने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
दूसरी मांग यह है कि रैलियां और विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए बुराड़ी, अलीपुर, जसोला और यमुना खादर जैसी वैकल्पिक जगहें तय की जानी चाहिए।
तीसरी मांग यह है कि त्योहारों के पूरे सीजन के दौरान सेंट्रल दिल्ली में ट्रैफिक सुचारू रूप से चले और पार्किंग का पर्याप्त इंतजाम हो।
चेतावनी देते हुए गोयल ने कहा कि अगर त्योहारों के इस अहम समय में भी व्यापारियों का कारोबार नुकसान झेलता रहा, तो वे अपनी दुकानों की चाबियां रैलियां और विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने वालों को सौंपने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
--आईएएनएस

[@ जानें संतुलित आहार की अनजानी बातों के बारे में ]


[@ अरे वाह...बकरी के बच्चे के साथ योगा:देखें PIX]


[@ क्या अब भी रेखा की मांग में है संजय दत्त के नाम का सिंदूर?]



Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0