ऑटोमोबाइल जगत में सफेद रंग का दबदबा : क्यों है यह सबसे समझदारी भरा विकल्प?
Source : business.khaskhabar.com | Aug 29, 2025 | 
जयपुर। जब बात नई कार खरीदने की आती है, तो रंग का चुनाव एक बड़ा फैसला होता है। भारत जैसे गर्म देश में, जहां गाड़ियां घंटों धूप में खड़ी रहती हैं, सफेद रंग न केवल स्टाइल, बल्कि कई व्यावहारिक कारणों से भी एक समझदारी भरा विकल्प साबित हो रहा है। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों और आंकड़ों के अनुसार, सफेद रंग की कारें गहरे रंगों की तुलना में कई मामलों में बेहतर प्रदर्शन करती हैं।
गर्मी से राहत और ईंधन की बचतः
सफेद रंग धूप को सबसे ज्यादा परावर्तित करता है, जिससे कार का इंटीरियर तुलनात्मक रूप से ठंडा रहता है। एक अध्ययन में पाया गया कि तेज धूप में खड़ी सफेद कार का तापमान गहरे रंग की कार से 20-25 डिग्री सेल्सियस तक कम होता है। इसका सीधा मतलब है कि आपको एयर कंडीशनर (AC) कम चलाना पड़ेगा, जिससे ईंधन की बचत होती है और आपकी जेब पर बोझ कम पड़ता है।
टिकाऊपन और कम मेंटेनेंसः
गहरे रंग की गाड़ियां, खासकर काली और लाल, धूप के कारण जल्दी फीकी पड़ जाती हैं और उन पर धूल या छोटे खरोंच साफ नजर आते हैं। इसके विपरीत, सफेद रंग की कारें लंबे समय तक अपनी चमक बनाए रखती हैं और छोटे खरोंच या दाग-धब्बे आसानी से दिखते नहीं हैं। अगर कभी पेंटिंग या रिपेयर की जरूरत पड़े, तो सफेद रंग आसानी से उपलब्ध होता है और इसकी लागत भी कम होती है।
बेहतर रीसेल वैल्यूः
सेकेंड-हैंड कार बाजार में सफेद रंग की कारों की मांग सबसे अधिक होती है। 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में बेची गई लगभग 49% और भारत में 70% से अधिक कारें सफेद रंग की थीं। यह बढ़ती मांग सुनिश्चित करती है कि जब आप अपनी सफेद कार बेचेंगे तो आपको खरीदार आसानी से मिल जाएंगे और एक बेहतर कीमत भी मिलेगी। कुल मिलाकर, सफेद रंग की कार चुनना न केवल गर्मी के मौसम के लिए एक आरामदायक विकल्प है, बल्कि यह एक टिकाऊ और आर्थिक रूप से फायदेमंद निर्णय भी है।
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