businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

भारत में गैस बाजार सुधार और बुनियादी ढांचे में निवेश से ही दीर्घकालिक मांग को मिलेगी गति: रिपोर्ट

Source : business.khaskhabar.com | July 26, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 only gas market reforms and infrastructure investments will drive long term demand in india report 831689
बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली 
भारत में प्राकृतिक गैस की दीर्घकालिक वृद्धि केवल तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात क्षमता बढ़ाने पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि ट्रांसमिशन और वितरण अवसंरचना में निवेश तेज करने, गैस मूल्य निर्धारण और बाजार नियमों में सुधार करने तथा गैस-आधारित उद्योगों से मजबूत मांग पैदा करने पर भी निर्भर करेगी। 

यह जानकारी इंटरनेशनल गैस यूनियन (आईजीयू) की ओर से जारी एक नई रिपोर्ट में दी गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने एलएनजी रीगैसिफिकेशन टर्मिनलों की क्षमता बढ़ाने में मजबूत प्रगति की है, लेकिन मिडस्ट्रीम इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश उसी गति से नहीं बढ़ पाया है। इसके कारण देश में प्राकृतिक गैस की खपत बढ़ाने की क्षमता सीमित हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, मूल्य निर्धारण प्रणाली, बाजार तक पहुंच और वाणिज्यिक ढांचे में सुधार गैस की मांग में सतत वृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। 

आईजीयू ने कहा कि हालिया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट ने ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के प्रति भारत की संवेदनशीलता को उजागर किया है, क्योंकि देश एलएनजी और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के लिए खाड़ी क्षेत्र से होने वाले आयात पर काफी निर्भर है। कतर भारत का सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, जबकि भारत के एलपीजी आयात का भी बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। 

रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आयातित गैस पर निर्भरता अभी भी काफी अधिक है। घरेलू उत्पादन देश की कुल प्राकृतिक गैस मांग का केवल लगभग 50-52 प्रतिशत ही पूरा कर पाता है। शेष आवश्यकता कतर, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और रूस जैसे देशों से एलएनजी आयात के जरिए पूरी की जाती है। एलपीजी के मामले में भारत की आयात निर्भरता और भी अधिक है। 

दुनिया के सबसे बड़े एलपीजी उपभोक्ताओं में शामिल होने के बावजूद, देश की घरेलू मांग का लगभग 60-65 प्रतिशत हिस्सा आयात से पूरा किया जाता है। इनमें से अधिकांश आयात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते होकर आती हैं। ईरान संघर्ष के दौरान ऊर्जा आपूर्ति में आई हालिया बाधा ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर भारत की निर्भरता से जुड़े जोखिमों को उजागर किया। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होता है, तो मध्यम और दीर्घकालिक परिदृश्य बेहतर हो सकता है। 

इस दशक के शेष वर्षों में बड़ी मात्रा में नई एलएनजी निर्यात क्षमता शुरू होने की संभावना है, जिससे वैश्विक एलएनजी बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनी रहेगी। इससे कीमतों पर दबाव पड़ेगा और भारत में प्राकृतिक गैस के उपयोग की आर्थिक व्यवहार्यता बेहतर होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हालिया कीमतों के झटके के बाद एशिया के अन्य बाजारों में मांग कमजोर रहने से क्षेत्रीय एलएनजी बेंचमार्क कीमतों में गिरावट और तेज हो सकती है। -आईएएनएस

[@ झूठ बोलने से नहीं मिलेगा इन कार्यो का फल]


[@ सास को दामाद से हुआ इश्क, शादी करती लेकिन...]


[@ गर्म पानी पीने के 8 कमाल के लाभ]


Headlines


Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0