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अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं: सरकार

Source : business.khaskhabar.com | Oct 01, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 no change in interest rates on small savings schemes for the october december quarter government 849357नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने लघु यानी छोटी बचत योजनाओं (स्मॉल सेविंग स्कीम्स) में निवेश करने वाले करोड़ों निवेशकों को राहत देते हुए अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही, यानी 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक विभिन्न छोटी बचत योजनाओं पर लागू ब्याज दरें जुलाई-सितंबर तिमाही के समान रहेंगी। 
इस फैसले का मतलब है कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) और अन्य सरकारी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले लोगों को पहले की तरह ही रिटर्न मिलता रहेगा।
मौजूदा ब्याज दरों के अनुसार, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) पर 7.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलता रहेगा। वहीं बेटियों के भविष्य के लिए लोकप्रिय सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2 प्रतिशत ब्याज दर जारी रहेगी, जो छोटी बचत योजनाओं में सबसे आकर्षक रिटर्न देने वाली योजनाओं में शामिल है।
इसके अलावा, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) में निवेश करने वालों को भी 7.7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलता रहेगा। इन योजनाओं का उपयोग बड़ी संख्या में खुदरा निवेशक सुरक्षित और निश्चित रिटर्न प्राप्त करने के लिए करते हैं।
छोटी बचत योजनाएं भारतीय परिवारों की वित्तीय योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती हैं। सरकार समर्थित होने के कारण इनमें जोखिम अपेक्षाकृत कम माना जाता है और यही वजह है कि पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना, एनएससी, डाकघर जमा योजनाएं और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना जैसी स्कीम्स निवेशकों के बीच लोकप्रिय हैं।
सरकार का मानना है कि ब्याज दरों को स्थिर रखने से निवेशकों को निश्चितता मिलेगी और बदलती ब्याज दरों के माहौल में भी इन योजनाओं का आकर्षण बना रहेगा। इससे बचतकर्ताओं को अपने निवेश और भविष्य की वित्तीय योजना बनाने में सुविधा होगी।
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा हर तिमाही की जाती है और निवेशक इस घोषणा पर करीबी नजर रखते हैं, क्योंकि नई जमा राशि पर मिलने वाला रिटर्न इसी के आधार पर तय होता है। हालांकि पहले से किए गए निवेश संबंधित योजना के नियमों के अनुसार ब्याज अर्जित करते रहते हैं।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए दरें यथावत रहेंगी, हालांकि योजना-वार पूरी ब्याज दर सूची अधिसूचना में अलग से प्रकाशित नहीं की गई है।
--आईएएनएस 

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