5जी अपनाने और डीपीआई में भारत दुनिया के लिए मिसाल, अगली कनेक्टिविटी क्रांति को दे सकता है दिशा : जीएसएमए चेयर
Source : business.khaskhabar.com | Oct 14, 2026 | 

नई दिल्ली । जीएसएमए के चेयर गोपाल विट्टल ने बुधवार को कहा कि भारत में 5जी को तेजी से अपनाया जाना और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) की तैनाती यह दिखाती है कि किस तरह बड़े पैमाने, प्रतिभा और महत्वाकांक्षा के दम पर समावेशी विकास को आगे बढ़ाया जा सकता है और कनेक्टिविटी के अगले दौर को आकार दिया जा सकता है।
विट्टल ने कहा कि वैश्विक मानकों के तहत काम करने और विभिन्न बाजारों के बीच सहयोग बढ़ाने से नवाचार को तेज किया जा सकता है, विश्वास और मजबूती को बढ़ाया जा सकता है तथा यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि कनेक्टिविटी के लाभ दुनिया भर तक पहुंचें।
जीएसएमए बोर्ड ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली में बैठक कर कनेक्टिविटी के अगले दौर के लिए प्राथमिकताओं को तय किया।
एक बयान के अनुसार, "आज भारत मोबाइल कनेक्टिविटी में अग्रणी है, जहां 1.2 अरब सक्रिय कनेक्शन हैं, जिनमें से 45 करोड़ 5जी कनेक्शन हैं। ये भारत की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं। जीएसएमए बोर्ड को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सरकार और उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं से मुलाकात करने का अवसर भी मिला।"
वैश्विक स्तर पर मोबाइल तकनीकों और सेवाओं ने वर्ष 2025 में 6 ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक मूल्य सृजित किया, जो वैश्विक जीडीपी का 6.4 प्रतिशत है। यह योगदान 2030 तक बढ़कर 11.3 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान है।
विभिन्न बाजारों में 5जी को तेजी से अपनाए जाने के बीच चर्चा इस बात पर केंद्रित रही कि टिकाऊ बाजार संरचनाएं नई तकनीकों में निवेश को कैसे समर्थन दे सकती हैं और नेटवर्क स्लाइसिंग जैसी उन्नत क्षमताएं व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए कैसे मूल्य सृजित कर सकती हैं।
अनुमान है कि 2030 तक सभी मोबाइल कनेक्शनों में से 57 प्रतिशत 5जी पर आधारित होंगे। वहीं, ऑपरेटर 2025 से 2030 के बीच नेटवर्क विस्तार और उन्नयन पर 1.2 ट्रिलियन डॉलर का पूंजीगत निवेश करेंगे।
जीएसएमए ने कहा कि भारत में 5जी की तेज तैनाती लगातार निवेश और स्पष्ट बाजार दृष्टि से संभव हुई प्रगति का एक प्रमुख उदाहरण है।
जीएसएमए के महानिदेशक विवेक बद्रीनाथ ने कहा, "भारत इस बात का ठोस उदाहरण है कि जब नीतिगत सुधार मोबाइल इंफ्रास्ट्रक्चर में अधिक निवेश को सक्षम बनाते हैं तो उसके क्या लाभ मिलते हैं। भारत और दुनिया भर में मोबाइल कनेक्टिविटी व्यवसायों, समुदायों और अर्थव्यवस्थाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।"
उन्होंने कहा कि अगली प्राथमिकता 5जी के तेज विस्तार को वास्तविक मूल्य में बदलना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना भी है कि अधिक से अधिक लोग डिजिटल अर्थव्यवस्था तक पहुंच सकें और उसका लाभ उठा सकें। इसके लिए निरंतर निवेश, सहयोगी नीतियों और व्यापक इकोसिस्टम के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता होगी।
बोर्ड ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते वैश्विक खतरे पर भी चर्चा की, जिससे निपटने के लिए जीएसएमए ने अपने 'यूनाइटेड अगेंस्ट स्कैम्स' कार्यक्रम के तहत धोखाधड़ी रोकथाम को पूरे उद्योग की साझा प्राथमिकता बनाया है।
--आईएएनएस
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