businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

दुनिया की धीमी अर्थव्यवस्था के बीच भारत सबसे बड़ी ग्रोथ स्टोरी, कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव बना वैश्विक नीति निर्माताओं का अहम मंच: विशेषज्ञ

Source : business.khaskhabar.com | Oct 05, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 india remains the biggest growth story amid a slowing global economy kautilya economic conclave becomes a key platform for global policymakers experts 850388नई दिल्ली । 3 से 5 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित 5वें कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास, कर सुधार और बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच नीति निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान स्टॉकहोम स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अर्थशास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर और जे-पाल के शिक्षा क्षेत्र के वैश्विक सह-अध्यक्ष अभिजीत सिंह ने रविवार को कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक वृद्धि की रफ्तार धीमी है, भारत की विकास दर विशेष रूप से उल्लेखनीय है। 
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में अभिजीत सिंह ने कहा कि भले ही विकास दर के सटीक आंकड़ों को लेकर कभी-कभी बहस होती हो, लेकिन यह कहना उचित होगा कि वैश्विक स्तर पर भारत सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ी विकास कहानियों में से एक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक माहौल में भारत की स्थिति खास महत्व रखती है।
अभिजीत सिंह ने कहा, "कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह दुनिया के शीर्ष नीति निर्माताओं, मंत्रियों, पूर्व सरकारी अधिकारियों और प्रमुख शिक्षाविदों को एक मंच पर लाता है।"
उन्होंने कहा, "भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ यहां अपने अनुभव और विचार साझा करते हैं। इस तरह का संवाद जटिल आर्थिक चुनौतियों को समझने और भविष्य की नीतियों को बेहतर दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।"
वहीं, इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के सदस्य और पूर्व वित्त मंत्री मोहम्मद चातिब बसरी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि ऐसे सम्मेलन देशों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का मौका देते हैं।
उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया भारत से कई महत्वपूर्ण बातें सीख सकता है, विशेष रूप से कर सुधारों के क्षेत्र में। उनके अनुसार, भारत ने विभिन्न अप्रत्यक्ष करों को एकीकृत कर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किया, जो एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधार था। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया इस अनुभव से सीख लेकर अपने कर ढांचे को और बेहतर बना सकता है।
वैश्विक व्यापार तनाव और अमेरिका की टैरिफ नीतियों के प्रभाव पर बात करते हुए मोहम्मद चातिब बसरी ने कहा कि दुनिया इस समय अत्यधिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है और परिस्थितियां बहुत तेजी से बदल रही हैं।
उन्होंने कहा, "भारत और इंडोनेशिया दोनों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव है। विशेष रूप से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें सरकारों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डाल सकती हैं, क्योंकि आम लोगों को राहत देने के लिए सब्सिडी पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है।"
उन्होंने आगे कहा कि ऊर्जा लागत में वृद्धि केवल राजकोषीय स्थिति को प्रभावित नहीं करती, बल्कि महंगाई, औद्योगिक उत्पादन और आर्थिक विकास पर भी व्यापक असर डाल सकती है।
--आईएएनएस
 

[@ मां-बाप का गाना सुन कोमा से जागी 4साल की बच्ची ]


[@ अनूठा कारनामा, महिला ने बालों से बनाया कोट]


[@ ये"सुपर फूड्स"सर्दियों की समस्याएं रखें दूर]



Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0