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'ईयू-भारत एफटीए सभी समझौतों की जननी', लिथुआनिया की राजदूत ने इसे ऐतिहासिक बताया

Source : business.khaskhabar.com | Jan 29, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 eu india fta is the mother of all agreements lithuanian ambassador calls it historic 787698नई दिल्ली । भारत में लिथुआनिया की राजदूत डायना मिकेवीसिएने ने यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते को “ऐतिहासिक” और रूपांतरकारी करार देते हुए इसे “सभी समझौतों की जननी” कहा है। उन्होंने इसके पैमाने, दायरे और भू-राजनीतिक महत्व पर जोर दिया।
 
आईएएनएस00 को विशेष साक्षात्कार में राजदूत ने कहा कि यह समझौता सामान्य व्यापार व्यवस्था से कहीं आगे है। उन्होंने कहा, “यह दुनिया के दो सबसे बड़े व्यापारिक ब्लॉकों और दो लोकतंत्रों के बीच का समझौता है।” उनका मानना है कि यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच लोकतांत्रिक देशों के लिए व्यापार संबंधों के निर्माण का एक मॉडल पेश करता है।
डायना मिकेवीसिएने ने एफटीए के सबसे बड़े अवसर के रूप में दोनों पक्षों के व्यवसायों के लिए खुलने वाली विशाल संभावनाओं को उजागर किया। उन्होंने कहा कि भारत पहले ही वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, और यह समझौता उस भूमिका को और बढ़ा सकता है।
यूरोपीय संघ, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक मुख्य स्तंभ है, के साथ भारत की आर्थिक निकटता बढ़ाना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि ईयू-भारत एफटीए अपने आकार और खुलेपन दोनों के मामले में अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि भारत ने व्यापारिक जुड़ाव में “बहुत लंबा सफर तय किया है” और भविष्य में ईयू और भारत के आर्थिक संबंधों की संभावनाएं अत्यंत उज्ज्वल हैं।
लिथुआनिया के लिए लाभ बताते हुए राजदूत ने कहा कि छोटे आकार की अर्थव्यवस्था होने के बावजूद लिथुआनिया ने पिछले दो दशकों में ईयू के साझा आर्थिक क्षेत्र और मुक्त व्यापार ढांचे का हिस्सा बनकर मजबूत वृद्धि देखी है। भारत जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्था के साथ साझेदारी से यह लाभ और बढ़ सकता है।
वर्तमान में लिथुआनिया और भारत के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार लगभग 400 मिलियन यूरो का है, जो राजदूत के अनुसार इसकी वास्तविक क्षमता से काफी कम है। एफटीए में शामिल कई क्षेत्रों में व्यापार बढ़ने की संभावना है। लिथुआनियाई अधिकारियों ने व्यापारियों को कम शुल्क, सरल प्रक्रियाएं और बेहतर बाजार पहुंच के बारे में जानकारी देने की योजना बनाई है।
राजदूत ने लिथुआनिया की मजबूत खरीद शक्ति का भी उल्लेख किया, जहां प्रति व्यक्ति आय लगभग 29,000–30,000 यूरो है, और लिथुआनियाई उपभोक्ता भारतीय उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों तक पहुंच चाहते हैं।
डायना मिकेवीसिएने ने कहा कि समझौते का सबसे ऐतिहासिक पहलू इसके माध्यम से प्राप्त असाधारण स्तर का आपसी बाजार पहुंच है। यह खुलापन ईयू और भारत दोनों के लिए अद्वितीय है।
वैश्विक व्यापार तनाव और अमेरिका की टैरिफ नीतियों के बीच यूरोपीय संघ–भारत मुक्त व्यापार समझौते को एक मजबूत और विश्वसनीय विकल्प बताया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ईयू और भारत के बीच व्यापार का वास्तविक स्तर विकसित नहीं हुआ है, जबकि यह दोनों पक्षों के वैश्विक व्यापार का लगभग एक तिहाई है।
एफटीए लागू होने पर राजदूत ने बड़े चुनौतीपूर्ण मुद्दों की संभावना नहीं जताई, उन्होंने दोनों पक्षों की अभूतपूर्व राजनीतिक इच्छाशक्ति को इसका कारण बताया। उन्होंने सीमा शुल्क समन्वय और संस्थागत सहयोग सहित तकनीकी सहयोग को ईयू और भारत की संस्थाओं के बीच अंतर्संचालन बढ़ाने का अवसर बताया।
--आईएएनएस 

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