जीरा बाजार में सप्लाई-डिमांड असंतुलन, भाव 250 रुपए प्रति किलो के करीब
Source : business.khaskhabar.com | Jan 30, 2026 | 
जयपुर। प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात और राजस्थान में बीते मौसम में बुआई में देरी और अनियमित बारिश के कारण फसल की समय पर उपलब्धता कम रही है, जिससे अभी तक मंडियों में नई आवक नहीं बढ़ी है। थोक मंडियों में मशीनक्लीन जीरे के भाव 30 रुपए की तेजी के साथ 250 रुपए प्रति किलो के आसपास पहुंच गए हैं। किसान और व्यापारी पिछले सत्र का स्टॉक धीरे-धीरे बाजार में पूरक के रूप में बेच रहे हैं, मगर नए सीजन के आने में देरी के कारण सप्लाई एवं डिमांड में असंतुलन बना हुआ है। भारतीय जीरा दुनिया के सबसे बड़े निर्यातक देशों में से एक है और निर्यात मांग सामान्यतया भावों को सपोर्ट देती है, हालाँकि बीते वर्ष 2025 में निर्यात की गति लगभग फीकी रही है। मौजूदा सत्र में देरी के चलते मंडियों में जीरे की नई फसल अप्रैल के आसपास या अप्रैल-मई तक मुख्य रूप से आने की उम्मीद बन रही है। महंगाई का मुख्य कारण देरी से हुई बुआई, मौजूदा स्टॉक पर निर्भरता और मौसम-सम्बंधी अनिश्चितताएँ हैं। हालांकि गुजरात के सौराष्ट्र में नए जीरे की छिटपुट आवक शुरू हो गई है। सौराष्ट्र की मंडियों में 20-25 बोरी नया जीरा आना प्रारंभ हो गया है।
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