चने में गिरावट जारी, लंबी मंदी के आसार नहीं, दलहन कारोबारियों को हो रहा नुकसान
Source : business.khaskhabar.com | Feb 20, 2026 | 
जयपुर। चना कारोबारियों को इस बार भारी नुकसान लगने की खबरें आ रही हैं। जबकि इस साल देश में चने का उत्पादन भी कम हुआ था। इसका मुख्य कारण यह रहा कि सरकार ने आयात शुल्क मुक्त मटर का भारी मात्रा में इम्पोर्ट किया था। अभी वर्तमान में जयपुर मंडी में मिल डिलीवरी चना 5700 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास बेचा जा रहा है। आपको बता दें चने के इन भावों में ज्यादा मंदी के आसार नहीं लग रहे हैं। पूर्व में दलहन कारोबारियों को नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने मटर पर 30 प्रतिशत आयात शुल्क लगा दिया था तथा मटर की घरेलू फसल भी पूरी तरह फेल हो गई थी। दूसरी ओर अक्टूबर में निरंतर बारिश होने से चने की फसल में भी नुकसान हुआ। मगर ऑस्ट्रेलिया से आने वाले चने के कारण कारोबारी घरेलू फसल को अनदेखा कर चुके थे। देश में चने की पैदावार मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक एवं महाराष्ट्र में होती है। कर्नाटक का देशी चना फरवरी में ही आता है, जो कि सीमित रूप से शुरू भी हो चुका है। मार्च में राजस्थान का चना आ जाएगा। किसानों को दो-तीन सालों से कोई लाभ नहीं मिलने से बीते सीजन में चने की बिजाई काफी कम हुई थी। केवल ऑस्ट्रेलिया के स्टॉक में चना बचने एवं मटर के भाव नीचे होने से फसल से लेकर 30 जून तक चने में कोई विशेष तेजी नहीं आ पाई। मगर जैसे ही ऑस्ट्रेलिया का चना निपटता गया तथा मटर की खपत भी चार गुना हो गई। पिछले साल अगस्त में चना 6400 रुपए प्रति क्विंटल बिक गया था, जो कि वर्तमान में 5700 रुपए प्रति क्विंटल रह गया है।
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