नई सरसों की आवक शुरू, कीमतों में मंदी का रुख, जयपुर मंडी में भाव 7100 रुपये के आसपास
Source : business.khaskhabar.com | Feb 12, 2026 | 
जयपुर। राजस्थान और मध्य प्रदेश की उत्पादक मंडियों में नई सरसों का श्रीगणेश हो चुका है। हालांकि शुरुआती दौर में आवक अभी सीमित है, लेकिन इसके बावजूद राज्य की मंडियों में प्रतिदिन करीब एक लाख बोरी नई सरसों की आवक दर्ज होने लगी है। नई सरसों में नमी की मात्रा अधिक होने के बावजूद इसकी बढ़ती आवक से बाजार पर दबाव बन रहा है।
नई सरसों की दहशत के चलते सरसों की कीमतों में लगातार मंदी का रुख देखने को मिल रहा है। जयपुर मंडी में गुरुवार को सरसों मिल डिलीवरी 42 प्रतिशत तेल कंडीशन के भाव घटकर करीब 7100 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रह गए। व्यापारियों का कहना है कि जैसे-जैसे नई फसल की आवक बढ़ेगी, कीमतों में और नरमी आ सकती है।
गौरतलब है कि देशभर में इस बार सरसों की बुवाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। गत वर्ष उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित सभी उत्पादक राज्यों में कुल 88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बुवाई हुई थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 92 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। अधिक रकबे में बुवाई होने से उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, जिसका असर बाजार भावों पर साफ नजर आ रहा है।
उधर हरि एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक दीपक डाटा ने कहा कि भारतीय रसोई में सरसों का तेल केवल एक खाद्य सामग्री नहीं, बल्कि परिवार की सेहत का आधार होता है। अशोका कच्ची घाणी सरसों तेल के निर्माता डाटा ने बताया कि कंपनी का रिफाइंड सोयाबीन ऑयल आधुनिक तकनीक से परिष्कृत किया गया है और यह विटामिन ए एवं डी से भरपूर होने के साथ आसानी से पचने योग्य है। उन्होंने कहा कि अशोका ब्रांड के तेल सख्त गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किए जाते हैं।
डाटा ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में जैसे-जैसे सरसों की आवक बढ़ेगी, बाजार में इसके भावों पर और दबाव बनेगा और कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
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