भूटान के साथ स्थिरता और विश्वास पर आधारित साझेदारी को और मजबूत करेंगे : गौतम अदाणी
Source : business.khaskhabar.com | Jan 04, 2026 | 
नई दिल्ली। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने रविवार को कहा कि वह भूटान के साथ अपनी साझेदारी को आगे भी मजबूत करते रहेंगे। यह साझेदारी पर्यावरण की सुरक्षा, आपसी भरोसे और लंबे समय तक फायदा देने पर आधारित है। उन्होंने हिमालयी देश भूटान के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी की सराहना की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में उद्योगपति और अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि भूटान आना मुझे हमेशा अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी (जीएमसी) के संस्थापक सदस्यों में से एक होने पर मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं। यह भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक की दूरदर्शिता, सोच और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए विकास करने का उदाहरण है।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि ऊर्जा साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए भूटान में 5,000 मेगावाट जलविद्युत (पानी से बिजली) परियोजनाओं के लिए एक समझौता (एमओयू) किया गया है। इसके साथ ही 570 मेगावाट की वांगछू जलविद्युत परियोजना की आधिकारिक शुरुआत भी की गई है।
उन्होंने इस मौके पर भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे की मौजूदगी के लिए आभार जताया। गौतम अदाणी ने कहा कि वे भूटान के साथ इस साझेदारी को आगे भी मजबूत करते रहेंगे, जो पर्यावरण के अनुकूल और लंबे समय के लिए लाभदायक है।
पिछले साल मई में अदाणी ग्रुप ने भूटान में मिलकर 5,000 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाएं विकसित करने की घोषणा की थी। इस समझौते पर भूटान की सरकारी कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन (डीजीपीसी) और अदाणी ग्रीन हाइड्रो लिमिटेड के अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए थे।
इस परियोजना में डीजीपीसी की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि अदाणी ग्रुप की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। यह साझेदारी पहले से चल रही वांगछू जलविद्युत परियोजना पर आधारित है।
सितंबर में अदाणी पावर और डीजीपीसी ने मिलकर 570 मेगावाट की वांगचू जलविद्युत परियोजना के लिए एक अहम शेयरधारक समझौते (एसएचए) पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर भूटान के प्रधानमंत्री और गौतम अदाणी मौजूद थे।
इस दौरान बिजली खरीद समझैते (पीपीए) पर सैद्धांतिक सहमति पर भी हस्ताक्षर किए गए और डेवलपर्स ने भूटान की शाही सरकार के साथ परियोजना के लिए रियायत समझौते (सीए) पर भी हस्ताक्षर किए।
वांगचू परियोजना में नवीकरणीय ऊर्जा विद्युत संयंत्र और संबंधित बुनियादी ढांचे की स्थापना में करीब 60 अरब रुपए का निवेश किया जाएगा। इससे भूटान में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) का उत्पादन बढ़ेगा और पर्यावरण को भी कम नुकसान होगा।
--आईएएनएस
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