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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी फिलहाल संभव नहीं: हरदीप पुरी

Source : business.khaskhabar.com | July 03, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 reduction in petrol and diesel prices not possible for now hardeep puri 826003नई दिल्ली । पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत की उम्मीद कर रहे उपभोक्ताओं को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को स्पष्ट कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में खुदरा ईंधन की कीमतें घटाने का कोई औचित्य नहीं है। 
ईंधन की कीमतों पर प्रतिक्रिया देते हुए पुरी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में केवल 5.58 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 6.23 प्रतिशत की ही बढ़ोतरी हुई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) अभी भी करीब 2.18 लाख करोड़ रुपए के संचयी अंडर-रिकवरी (घाटे) की भरपाई कर रही हैं। इसके अलावा, इन कंपनियों के पास अभी भी ऐसे ईंधन का स्टॉक मौजूद है, जिसे तब खरीदा गया था जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी अधिक थीं। ऐसे में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती करना व्यावहारिक नहीं है।
पुरी ने कहा, "इसलिए इस समय ईंधन की कीमतों को कम करने का सवाल जायज नहीं है।"
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में आए उतार-चढ़ाव का प्रभाव भारतीय उपभोक्ताओं पर काफी हद तक नहीं पड़ने दिया। उन्होंने हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास उत्पन्न तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान भी देश में कहीं भी ईंधन आपूर्ति बाधित नहीं हुई।
उन्होंने कहा, "देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने (ड्राई-आउट) की स्थिति नहीं आई।"
मंत्री के अनुसार, देश भर में मौजूद करीब 1.07 लाख पेट्रोल पंप पूरे संकट के दौरान सामान्य रूप से संचालित होते रहे। उन्होंने कहा कि सरकार ने वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से पैदा हुए अधिकांश झटकों को खुद वहन किया, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा।
पुरी ने कहा कि सरकार देश के ऊर्जा ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि 2030 तक भारत की रिफाइनिंग क्षमता बढ़कर 309.5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) होने का लक्ष्य है।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में कई रिफाइनरी विस्तार परियोजनाएं और नई ग्रीनफील्ड रिफाइनरियां विकसित की जा रही हैं, जिनमें से कुछ परियोजनाएं अगले दो वर्षों में पूरी होने की उम्मीद है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और रिफाइनिंग क्षमता दोनों मजबूत होंगी।
--आईएएनएस 

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