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पाकिस्तान की ‘3.7% विकास दर’ सिर्फ कागजी आंकड़ा, हकीकत में अर्थव्यवस्था की हालत खराब: रिपोर्ट

Source : business.khaskhabar.com | Jan 06, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 pakistans 37 growth rate is just a paper figure the economy is in reality in bad shape report 781724नई दिल्ली । पाकिस्तान द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 3.7 प्रतिशत आर्थिक विकास दर का दावा हकीकत में उत्पादन या निर्यात में वास्तविक बढ़ोतरी को नहीं दर्शाता, बल्कि यह महज लेखांकन (अकाउंटिंग) का भ्रम हो सकता है। यह बात एक रिपोर्ट में कही गई है।
 
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, थिंक टैंक इकोनॉमिक पॉलिसी एंड बिजनेस डेवलपमेंट (ईपीबीडी) का कहना है कि नेशनल अकाउंट्स कमेटी (नैक) द्वारा स्वीकृत विकास दर “पद्धतिगत चालाकियों, डिफ्लेटर में हेरफेर और आयात-आधारित असेंबली गतिविधियों” का नतीजा है, न कि उत्पादक क्षमता में वास्तविक सुधार का।
ईपीबीडी ने इन आंकड़ों को आर्थिक सुधार का भ्रम पैदा करने की कोशिश बताया है, जबकि जमीनी स्तर पर कारोबारी गतिविधियां, विनिर्माण उत्पादन और निर्यात लगातार दबाव में हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र में दिखाई गई 9.4 प्रतिशत की वृद्धि मुख्य रूप से लेखांकन समायोजनों के कारण है। बिजली, गैस और जल आपूर्ति क्षेत्र में 25 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन यह उत्पादन बढ़ने से नहीं, बल्कि सब्सिडी के 20 अरब पाकिस्तानी रुपये से बढ़कर 118 अरब पाकिस्तानी रुपये हो जाने के कारण है।
निर्माण क्षेत्र में 21 प्रतिशत वृद्धि का दावा भी संदिग्ध बताया गया है, क्योंकि इसी अवधि में सीमेंट उत्पादन केवल 15 प्रतिशत बढ़ा। इसके अलावा, परिवहन से जुड़े आयात में भारी उछाल दर्ज किया गया, खासकर बसों और ट्रकों के आयात में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली तिमाही के दौरान खाद्य निर्यात में 25.8 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जबकि खाद्य आयात 18.8 प्रतिशत बढ़ गया। इसके बावजूद कृषि और खाद्य विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि दिखाना सवाल खड़े करता है। ईपीबीडी के अनुसार, बाढ़ के असर, फसल उत्पादन में ठहराव और तिमाही के दौरान गेहूं की फसल न होने के बावजूद कृषि क्षेत्र में 2.9 प्रतिशत वृद्धि दर्ज करना वास्तविकता से मेल नहीं खाता।
थिंक टैंक ने घरेलू विकास के दावों और व्यापार संकेतकों के बीच बड़े अंतर की ओर भी इशारा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष की पहली छमाही में आयात 11 प्रतिशत बढ़े, जबकि निर्यात करीब 9 प्रतिशत घटे, जिससे यह आशंका और गहराती है कि अर्थव्यवस्था में टिकाऊ और निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाला विकास नहीं हो पा रहा है।
इसके अलावा, कपास उत्पादन में गिरावट आई, जिनिंग में 12 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज हुई और कपास आधारित निर्यात लगभग 10 प्रतिशत घट गया।
--आईएएनएस
 

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