businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

मुद्रा बैंक : चीन से आगे निकलने की कोशिश

Source : business.khaskhabar.com | Apr 09, 2015 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 mudra bank :China to overtakeभारत दुनिया के उन सबसे युवा देशों में से है, जहां 25 वर्ष से कम उम्र के लोगों की कुल आबादी 54 प्रतिशत से अधिक है। हमारे युवाओं को 21वीं शताब्दी की नौकरियों के लिए शिक्षित और नौकरियों के लायक बनना चाहिए। हमारे यहां काम करने लायक पांच प्रतिशत से भी कम लोगों को औपचारिक कौशल प्रशिक्षण मिलता है। देश की आबादी का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा गांवों में रहता है, जिसके कारण नौकरी करने लायक इन युवाओं की संख्या बढ़ रही है।

वर्ष 2022 में देश आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव मनाएगा। राज्यों के नेतृत्व और केंद्र सरकार के निर्देशन में टीम इंडिया के बारे में प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता में अन्य उद्देश्यों के अलावा युवाओं को शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण देना शामिल है ताकि उन्हें रोजगार मिल सके। इस उद्देश्य से स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया कार्यक्रम शुरू किए गए हैं और हमें भी देश में उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करना चाहिए और नए उद्यम शुरू करने के लिए सहयोग करने चाहिए।

हालांकि कॉरपोरेट और व्यावसायिक संस्थाओं की भी भूमिका है, अनौपचारिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा इसकी सराहना की जानी चाहिए। देश में कुल मिलाकर 5.77 करो़ड लघु व्यावसायिक इकाइयां हैं, जिनमें से अधिकतर एकल स्वामित्व वाली हैं जो लघु निर्माण, ट्रेडिंग या सेवा व्यवसाय चलाती हैं। इनमें से 62 प्रतिशत का स्वामित्व अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/ओबीसी के पास है। निचले स्तर के कठोर परिश्रम करने वाले उद्यमियों की ऋण तक औपचारिक पहुंच कठिन हो गई है। इस दिशा में हाल के बजट में एक प्रमुख पहल की घोषणा की गई जिसका नाम मुद्रा बैंक है। प्

रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इस बैंक का विधिवत शुभारंभ किया। माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट रिफाईनेंस एजेंसी (मुद्रा) बैंक की घोषणा 2015 के बजट में की गई है, जिसके लिए 20,000 करो़ड रूपये का कोष निर्धारित किया गया है। इसमें 3,000 करो़ड रूपये की ऋण गारंटी राशि की घोषणा की गई है। मुद्रा बैंक प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के जरिए सूक्ष्म वित्त संस्थानों का पुनर्वित्तीयन करेगा। कर्ज देते समय अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इन उपायों से युवाओं, शिक्षित अथवा कौशल प्राप्त श्रमिकों का आत्मविश्वास बढ़ेगा जो पहली पीढ़ी के उद्यमी बनने की आकांक्षा रखते हैं, साथ ही इसमें वर्तमान लघु उद्यमी भी शामिल हैं जो अपनी गतिविधियों का विस्तार कर सकेंगे। यह बैंक निर्माण, ट्रेडिंग और सेवा गतिविधियों में लगे सूक्ष्म/लघु व्यावसायिक संस्थाओं को ऋण देने के कार्य में लगे सभी सूक्ष्म वित्तीय संस्थानों के नियमन और पुनर्वित्तीयन के लिए जिम्मेदार होगा। इस बैंक के जरिए दलितों और आदिवासी उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार के मुद्रा बैंक प्रस्ताव से इन संस्थाओं के लिए समान नियामक और आचरण संहिता स्थापित हो सकेगी, जिससे सभी कर्जदाताओं को जिम्मेदार कर्ज सिद्धान्त अपनाने होंगे और बदले में कर्जदारों के फायदा उठाने के मुद्दों से बचा जा सकेगा।

यह गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों-सूक्ष्म वित्तीय संस्थाओं और इस क्षेत्र से जु़डे अन्य उद्यमियों को आर्थिक मदद और नकदी का प्रमुख स्त्रोत हो सकता है। 3000 करो़ड रूपये का ऋण गारंटी कोष सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र को बढ़ावा दे सकता है। एमएसएमई क्षेत्र ने मुद्रा बैंक की स्थापना की सराहना की है। एमएसएमई क्षेत्र के प्रतिनिधियों का मानना है कि यदि इसे सही तरीके से लागू किया गया तो एनडीए सरकार की पहल से दोहरे अंकों में विकास दर हासिल करने में मदद मिलेगी और हम चीन से भी आगे निकल जाएंगे। 

(IANS)

Headlines


Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0