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वित्तीय क्षेत्र में आया बड़ा विदेशी निवेश कई वर्षों के कार्य का नतीजा : आरबीआई गवर्नर 

Source : business.khaskhabar.com | Jan 14, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 large foreign investment in financial sector a result of years of work rbi governor 783938नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मंगलवार को कहा कि देश के वित्तीय क्षेत्र में आया बड़ा विदेशी निवेश कई वर्षों के कार्य का नतीजा है। 
एनडीटीवी प्रॉफिट को दिए एक इंटरव्यू में केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत वृद्धि दर के कारण आने वाले समय में विदेशी निवेश आकर्षित करती रहेगी। यह गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसे कंपनियों की ओर से देश में किए जा रहे भारी निवेश और एफटीए में बड़ी प्रतिबद्धताओं से भी स्पष्ट होता है।
विदेशी निवेशकों से निवेश हर साल एक समान नहीं रहेगा, लेकिन भारत बैंकिंग, टेक्नोलॉजी और अर्थव्यवस्थाओं के अन्य बड़े सेक्टर्स में गुणवत्तापूर्ण निवेश आकर्षित करता रहेगा।
2025 में भारत के वित्तीय क्षेत्र में कई बड़ी डील देखने को मिली हैं।
इन डील में एमिरेट्स एनबीडी द्वारा आरबीएल बैंक में 3 अरब डॉलर में हिस्सेदारी खरीदना, प्राइवेट इक्विटी फर्म ब्लैकस्टोन द्वारा फेडरल बैंक में 705 मिलियन डॉलर में 9.9 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदना और अबू धाबी स्थित आईएचसी द्वारा सम्मान कैपिटल में 1 अरब डॉलर में 43.46 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदना शामिल है।
मल्होत्रा ​​ने कहा कि यह इनफ्लो सिर्फ एक साल में किए गए काम का नतीजा नहीं है, बल्कि यह कई सालों की मिली-जुली कोशिशों का नतीजा है, जिससे बैंकों और नॉन-बैंक फाइनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) को मजबूती मिली है।
मल्होत्रा ​​ने कहा, "विदेशी और घरेलू, दोनों तरह के निवेशक इस सेक्टर की मजबूती और भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ की संभावनाओं से आकर्षित हो रहे हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि ये तुरंत आने जाने वाली पूंजी नहीं हैं, बल्कि लॉन्ग-टर्म, धैर्य वाली पूंजी है।"
उन्होंने कहा कि आरबीआई ने इस निवेश को आकर्षित करने के लिए कोई रेगुलेटरी नियम नहीं बदले हैं, और पात्रता के नियम पहले जैसे ही है।
मल्होत्रा ​​ने कहा, "सिर्फ 2025 में ही, प्राइवेट फाइनेंशियल संस्थाओं में लगभग 15 अरब डॉलर का निवेश आया, जो सिस्टम में भरोसे को दिखाता है।"
मल्होत्रा ​​के अनुसार, भारत की ग्रोथ की कहानी अभी भी बरकरार है। उन्होंने कहा, "हमने पहले छमाही में 8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है, इस साल 7.4 प्रतिशत और अगले साल लगभग 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। कैपिटल की मांग मजबूत बनी रहेगी।"
--आईएएनएस
 

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