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वैश्विक निवेश आकर्षित करने दावोस जाएगी केरल की उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल

Source : business.khaskhabar.com | Jan 17, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 keralas high level delegation to davos to attract global investment 784627तिरुवनंतपुरम । केरल 19 से 23 जनवरी तक स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में वैश्विक निवेश मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा। राज्य सरकार हालिया नीतिगत सुधारों और निवेश माहौल में आई तेजी को ठोस वैश्विक साझेदारियों में बदलने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भेज रही है। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्य के उद्योग मंत्री पी. राजीव करेंगे।
 
छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में मुख्य सचिव ए. जयतिलक, अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग एवं वाणिज्य) ए.पी.एम. मोहम्मद हनीश, प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (केएसआईडीसी) के प्रबंध निदेशक पी. विष्णुराज शामिल हैं।
यह टीम वैश्विक निवेशकों, उद्योग जगत के नेताओं और नीति निर्माताओं के साथ संवाद करेगी और केरल को “जिम्मेदार निवेश और जिम्मेदार उद्योग” के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करेगी।
दावोस में भारत पवेलियन के भीतर केरल को विशेष रूप से आवंटित स्थान दिया गया है, जहां राज्य अपनी औद्योगिक नीति में आए बदलाव, उच्च तकनीक से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं और ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) आधारित विकास मॉडल को प्रदर्शित करेगा।
यह पहल डब्ल्यूईएफ 2026 की थीम “ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग” के अनुरूप है। इसके तहत केरल ज्ञान-आधारित और इंडस्ट्री 4.0 के अनुरूप क्षेत्रों की ओर अपने संक्रमण को रेखांकित करेगा।
अधिकारियों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल केरल के उच्च मूल्य वाले और गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान और उन्नत विनिर्माण की दिशा में बदलाव पर जोर देगा।
दावोस में केरल की प्रस्तुति के प्रमुख केंद्र बिंदुओं में ज्ञान अर्थव्यवस्था, ईएसजी अनुपालन और आधुनिक तकनीक-आधारित उद्यम शामिल होंगे।
केरल का निवेश प्रस्ताव नीतिगत स्थिरता, डिजिटल साक्षरता, प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और उच्च जीवन गुणवत्ता के संयोजन पर आधारित है। वर्ष 2024 में केरल ने राष्ट्रीय ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया था।
राज्य ने एयरोस्पेस और रक्षा, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), ग्राफीन और नैनो टेक्नोलॉजी से लेकर नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और 3डी प्रिंटिंग तक 22 प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान की है।
दावोस में केरल की खास पहचान के रूप में उसके ‘पॉलीसेंट्रिक विकास मॉडल’ को भी रेखांकित किया जाएगा। पूरे राज्य में शहरी स्तर का बुनियादी ढांचा, के-फॉन हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होने से निवेशक शहरों के महंगे केंद्रों से दूर रहकर भी समान बाजार और कुशल प्रतिभा तक पहुंच बना सकते हैं।
2035 तक राज्य की 90 प्रतिशत से अधिक आबादी के शहरीकृत क्लस्टरों में रहने का अनुमान है। इसी पृष्ठभूमि में केरल खुद को सतत और जलवायु-स्मार्ट औद्योगिकीकरण का “लाइटहाउस” बताकर पेश कर रहा है, जहां आर्थिक विकास और पर्यावरणीय संवेदनशीलता साथ-साथ आगे बढ़ती हैं।
--आईएएनएस
 

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