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भारत का निजी पूंजीगत खर्च 67 प्रतिशत बढ़कर 7.7 लाख करोड़ रुपए हुआ: सीआईआई

Source : business.khaskhabar.com | May 10, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 indias private capital expenditure rises 67 percent to ₹77 lakh crore cii 812617नई दिल्ली। भारत का निजी पूंजीगत खर्च सितंबर 2025 में सालाना आधार पर 67 प्रतिशत बढ़कर 7.7 लाख करोड़ रुपए हो गया है। यह देश के निवेश साइकिल में पिछले एक दशक में सबसे मजबूत रिकवरी है। यह जानकारी भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने रविवार को दी।  

सीआईआई के मुताबिक, इससे पहले सितंबर 2024 में पूंजीगत खर्च 4.6 लाख करोड़ रुपए था। 

सीआईआई द्वारा सीएमआईई प्रॉवेस डेटाबेस से लगभग 1,200 कंपनियों के विश्लेषण से पता चला कि इसमें विनिर्माण क्षेत्र का हिस्सा 3.8 लाख करोड़ रुपए था, जो कुल निजी निवेश का लगभग आधा है। इसमें धातु, ऑटोमोबाइल और रसायन जैसे क्षेत्रों का योगदान सबसे अधिक रहा। सेवा क्षेत्र का योगदान 3.1 लाख करोड़ रुपए रहा, जिसमें व्यापार, संचार और आईटी/आईटीईएस उद्योगों का योगदान सबसे अधिक रहा।

कई इंडिकेटर्स भी यह इशारा कर रहे हैं कि देश में निवेश गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में विनिर्माण कंपनियों की क्षमता उपयोग दर पिछली तिमाही के 74.3 प्रतिशत से बढ़कर 75.6 प्रतिशत हो गई, जबकि नए ऑर्डर में वार्षिक आधार पर 10.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बैंक ऋण वृद्धि में भी तेज उछाल आया, जो वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में औसतन लगभग 14 प्रतिशत रहा, जबकि पहली छमाही में यह लगभग 10 प्रतिशत था।

चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि निजी पूंजीगत व्यय में तीव्र वृद्धि इस बात का सबसे स्पष्ट संकेत है कि भारत का निवेश चक्र निर्णायक रूप से बदल गया है।

उन्होंने कहा, “निजी पूंजीगत व्यय में 67 प्रतिशत की वृद्धि होकर 7.7 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचना, निस्संदेह, इस बात का सबसे महत्वपूर्ण संकेत है कि भारत का निवेश चक्र निर्णायक रूप से बदल गया है।” 

पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के मद्देनजर, सीआईआई ने आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने और विकास की गति को बनाए रखने के उद्देश्य से पांच सूत्री उद्योग कार्य योजना का भी अनावरण किया।

प्रस्तावों में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आने पर छह से नौ महीनों में पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क कटौती को चरणबद्ध तरीके से वापस लेना, साथ ही अगले दो तिमाहियों में ईंधन और बिजली की खपत में 3 से 5 प्रतिशत की कमी लाने के उद्देश्य से एक स्वैच्छिक उद्योग-नेतृत्व वाली ऊर्जा संरक्षण पहल शामिल है।

सीआईआई ने अस्थिर वैश्विक परिवेश में लघु व्यवसायों के कार्यशील पूंजी संकट को कम करने के लिए टीआरडीएस प्लेटफॉर्म और आपूर्ति श्रृंखला वित्त तंत्र द्वारा समर्थित 45-दिवसीय एमएसई भुगतान गारंटी का भी प्रस्ताव रखा।

चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, पूंजीगत खर्च में बदलाव का पूरा श्रेय सरकार को जाता है। अब उद्योग को अनुकूल नीतिगत माहौल को अधिक निवेश, रोजगार, निर्यात और मूल्यवर्धन में परिवर्तित करना होगा।

--आईएएनएस

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