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भारत पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम में बनेगा बड़ा खिलाड़ी, 11 वर्षों में 6 गुना बढ़ा उत्पादन: अश्विनी वैष्णव 

Source : business.khaskhabar.com | Jan 05, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 india to become a major player in the entire electronics ecosystem production increased sixfold in 11 years ashwini vaishnaw 781522नई दिल्ली । केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि भारत पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम यानी डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, ऑपरेटिंग सिस्टम, एप्लीकेशन, मटेरियल और इक्विपमेंट में आने वाले समय में बड़ा खिलाड़ी बनेगा।  
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एप्पल ने 2025 में भारत से 50 अरब डॉलर मूल्य के मोबाइल फोन को शिप किया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया और हमारे उत्पादन केंद्रित अर्थव्यवस्था बनने की तरफ एक बड़ा मील का पत्थर है।
वैष्णव ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन बीते 11 वर्षों में छह गुना बढ़ा है। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 8 गुना बढ़ा है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स देश की ओर से किए जाने वाले शीर्ष तीन निर्यातों में शामिल हो गया है।"
उन्होंने आगे कहा कि 46 कंपोनेंट निर्माण परियोजनाएं, लैपटॉप, सर्वर और ऑडियो डिवाइस निर्माताओं के जुड़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख चालक बन रहा है।
केंद्रीय मंत्री के कहा कि इस वर्ष चार सेमीकंडक्टर संयंत्रों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में अब कुल रोजगार की संख्या 25 लाख हैं, जिनमें से कई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में एक ही स्थान पर 5,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। कुछ यूनिट्स में तो एक ही स्थान पर 40,000 तक कर्मचारी कार्यरत हैं।
इससे पहले, केंद्र सरकार ने रविवार को डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (डीएलआई) के तहत भारतीय सेमीकंडक्टर यानी चिप बनाने वाले उद्योग को मजबूत करने के लिए 24 नए चिप डिजाइन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी थी। ये प्रोजेक्ट्स वीडियो निगरानी, ड्रोन का पता लगाने, एनर्जी मीटर, माइक्रोप्रोसेसर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, ब्रॉडबैंड और आईओटी सिस्टम ऑन-चिप्स (एसओसी) जैसे क्षेत्रों में हैं।
सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन चिप बनाने की प्रक्रिया में सबसे ज्यादा मूल्य जोड़ने वाला हिस्सा है। यह आपूर्ति श्रृंखला में 50 प्रतिशत और फैबलेस सेगमेंट के माध्यम से वैश्विक सेमीकंडक्टर बिक्री में 30-35 प्रतिशत का योगदान देता है।
सरकारी बयान में कहा गया कि डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) समर्थित योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। स्कीम के तहत अब तक 16 टेप-आउट, 6 एएसआईसी चिप्स, 10 पेटेंट और 1,000 से ज्यादा इंजीनियर शामिल हो चुके हैं। साथ ही निजी निवेश भी तीन गुना तक बढ़ा है।
--आईएएनएस

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