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2026 भारतीय शेयर बाजार के लिए हो सकता है गोल्डी लॉक्स जैसा साल, करीब 11 प्रतिशत रिटर्न की उम्मीद : रिपोर्ट

Source : business.khaskhabar.com | Jan 17, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 2026 could be a goldilocks year for the indian stock market with expectations of around 11 percent returns report 784846नई दिल्ली। साल 2026 भारतीय शेयर बाजार के लिए 'गोल्डीलॉक्स' जैसा साल साबित हो सकता है। इसका मतलब है कि न तो हालात बहुत ज्यादा खराब होंगे और न ही बहुत ज्यादा गरम, बल्कि निवेश के लिए संतुलित और अनुकूल माहौल रहेगा। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में अर्थव्यवस्था की अच्छी वृद्धि, ब्याज दरों में गिरावट, रुपए की स्थिरता और दुनिया भर में जोखिम कम होने से शेयर बाजार को फायदा मिलेगा। खास तौर पर मेटल, बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं (बीएफएसआई), पूंजीगत सामान (कैपिटल गुड्स) और रक्षा क्षेत्र के शेयर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में निफ्टी कंपनियों की कमाई करीब 16 प्रतिशत बढ़ सकती है, जिसके आधार पर 2026 में बाजार से लगभग 11 प्रतिशत रिटर्न की उम्मीद जताई गई है। साल के अंत तक निफ्टी का लक्ष्य 28,720 निर्धारित किया गया है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार की नीतियों से घरेलू मांग को सपोर्ट मिलेगा। ब्याज दरों में कटौती, सीआरआर में कमी और बाजार में नकदी बढ़ाने जैसे कदमों से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। 

रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में व्यापार से जुड़ी अनिश्चितता भी कम होने की उम्मीद है। टैरिफ में राहत और 2026 की शुरुआत में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की संभावना से बाजार को सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। 

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शेयरों की कीमतों में पहले आई गिरावट और विदेशी निवेशकों की कम हिस्सेदारी से आगे बाजार में तेजी की गुंजाइश बनी हुई है। वहीं, रिकॉर्ड स्तर पर एसआईपी निवेश और नए डीमैट खातों की बढ़ोतरी से घरेलू निवेशकों का समर्थन लगातार बना हुआ है। 

साल 2025 में निवेश का रुझान उत्तर एशिया की ओर ज्यादा रहा, जबकि भारत से विदेशी निवेशक लगातार पैसा निकालते रहे, लेकिन 2026 में यह स्थिति बदल सकती है और भारत में फिर से विदेशी निवेश आने की संभावना है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, एआई भविष्य में भी एक बड़ा विषय बना रहेगा, जिससे निवेश, उत्पादन क्षमता और कामकाज की गति में बढ़ोतरी होगी। मेटल सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के खर्च, नई फैक्ट्रियों की स्थापना और दुनिया भर में कमोडिटी की मांग बढ़ने से इस सेक्टर को मजबूती मिल सकती है। पूंजीगत सामान बनाने वाली कंपनियों को भी सरकारी खर्च से फायदा मिल सकता है। 

हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी कहा कि इन शेयरों की कीमतों को लेकर निवेशकों को थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2026 के दूसरे हिस्से में आईटी क्षेत्र में एआई की मदद से सुधार देखने को मिल सकता है। वहीं, उपभोग से जुड़े क्षेत्रों में धीरे-धीरे सुधार और महंगे उत्पादों की मांग बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे में मदद मिल सकती है। 

हालांकि, रिपोर्ट ने कुछ जोखिमों के बारे में भी चेतावनी दी है। अगर एआई से जुड़ी उम्मीदें पूरी नहीं हुईं तो बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। इसके अलावा दुनिया में बढ़ता कर्ज, कर्ज से जुड़े संकट और 2.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के आईपीओ आने से सेंकेंडरी मार्केट में नकदी की कमी भी हो सकती है। -आईएएनएस

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