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वित्त वर्ष 25 में खाद्य उत्पादों में मिलावट से जुड़ी 7,700 से अधिक शिकायतें मिलीं; करीब 6 हजार का हुआ समाधान : केंद्र

Source : business.khaskhabar.com | Mar 11, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 over 7700 complaints related to food adulteration received in fy25 nearly 6000 resolved centre 797613नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में खाद्य उत्पादों में मिलावट से जुड़ी 7,700 से अधिक शिकायतें मिली हैं, इनमें से करीब 6,000 को समाधान कर दिया गया है। 

लोकसभा में एक लिखित जवाब में उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से संबंधित उपभोक्ता शिकायतें भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त की जाती हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2022-23 में 4,330 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 4,074 का समाधान किया गया।

2023-24 में शिकायतों की संख्या बढ़कर 4,735 हो गई, जिनमें से 3,993 मामलों का समाधान किया गया। 2024-25 में यह आंकड़ा और भी बढ़ गया, जब 7,705 शिकायतें दर्ज की गईं और उनमें से 5,952 का समाधान किया गया।

शिकायतें फूड सेफ्टी कनेक्ट प्लेटफॉर्म पर दर्ज की जाती हैं, जो फूड सेफ्टी कंप्लायंस सिस्टम (एफओएससीओएस) का हिस्सा है।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित नामित अधिकारियों, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और खाद्य व्यवसाय संचालकों को शिकायत की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध हो जाती है।

वर्मा ने कहा, “ऐसी शिकायतों पर संबंधित राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करते हैं।”

मंत्री ने आगे कहा कि खाद्य नियामक खाद्य उत्पादों के लिए विज्ञान आधारित मानक निर्धारित करने और उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने हेतु उनके निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात को विनियमित करने के लिए उत्तरदायी है।

हालांकि, जमीनी स्तर पर प्रवर्तन मुख्य रूप से राज्य खाद्य सुरक्षा प्राधिकरणों द्वारा नामित अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के माध्यम से किया जाता है।

खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, नियामक अपने क्षेत्रीय कार्यालयों और राज्य प्राधिकरणों के माध्यम से निरीक्षण, नमूनाकरण और लक्षित प्रवर्तन अभियान चलाता है।

इनमें राष्ट्रीय वार्षिक निगरानी योजना के अंतर्गत गतिविधियां और अन्य निगरानी पहल शामिल हैं।

प्राधिकरण ने जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणाली भी शुरू की है, जो विभिन्न खाद्य उत्पादों से जुड़े जोखिम के स्तर के आधार पर निरीक्षण की आवृत्ति निर्धारित करती है।

सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर, खाद्य व्यवसाय संचालकों को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत नियामक या दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

--आईएएनएस

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