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बाजार की पाठशाला : क्रिप्टोकरेंसी क्या है और यह कैसे काम करती है? भारत में इसको लेकर क्या नियम हैं? 

Source : business.khaskhabar.com | Jan 10, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 market insights what is cryptocurrency and how does it work what are the regulations in india 782930मुंबई । आज के डिजिटल दौर में निवेश के कई सारे विकल्प मौजूद हैं और इन्हीं में से एक नाम है 'क्रिप्टोकरेंसी'। बीते कुछ वर्षों में बिटकॉइन और एथेरियम जैसी डिजिटल करेंसी ने निवेशकों का खासा ध्यान खींचा है। जहां कुछ लोग इसे भविष्य की मुद्रा मानते हैं, वहीं कई निवेशक इसके जोखिम को लेकर सतर्क भी हैं। ऐसे में आम लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्रिप्टोकरेंसी आखिर है क्या, यह काम कैसे करती है और भारत में इसको लेकर क्या नियम लागू हैं।   
दरअसल, क्रिप्टोकरेंसी एक तरह की डिजिटल या आभासी मुद्रा होती है, जिसे न तो कोई देश जारी करता है और न ही किसी केंद्रीय बैंक का इस पर नियंत्रण होता है। यह पूरी तरह से कंप्यूटर नेटवर्क और इंटरनेट पर आधारित होती है। बिटकॉइन, एथेरियम और रिपल जैसी क्रिप्टोकरेंसी इसके प्रमुख उदाहरण हैं। क्रिप्टोकरेंसी को डिजिटल वॉलेट में रखा जाता है और इसका लेन-देन ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है।
क्रिप्टोकरेंसी जिस तकनीक पर काम करती है, उसे 'ब्लॉकचेन' कहा जाता है। ब्लॉकचेन एक डिजिटल खाता-बही की तरह होती है, जिसमें हर लेन-देन का रिकॉर्ड सुरक्षित तरीके से दर्ज होता है। एक बार जो जानकारी इसमें जुड़ जाती है, उसे बदलना लगभग असंभव होता है। यही वजह है कि क्रिप्टोकरेंसी को सुरक्षित माना जाता है।
जानकारों के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति क्रिप्टोकरेंसी खरीदता या बेचता है, तो यह लेन-देन सीधे दो लोगों के बीच होता है। इसमें किसी बैंक या बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़ती। लेन-देन को सत्यापित करने के लिए कंप्यूटर नेटवर्क पर मौजूद कई सिस्टम मिलकर काम करते हैं, जिसे माइनिंग या सत्यापन प्रक्रिया कहा जाता है।
भारत में इसको लेकर कानून की बात करें तो यहां पर क्रिप्टोकरेंसी को अभी तक कानूनी मुद्रा का दर्जा नहीं मिला है। हालांकि, सरकार ने क्रिप्टो में निवेश को अवैध भी नहीं बताया है। लोग मान्यता प्राप्त डिजिटल एक्सचेंज के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर सकते हैं, लेकिन इसे जोखिम भरा निवेश माना जाता है।
जानकारों का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में बहुत तेजी से उतार-चढ़ाव होता है। किसी भी समय इसमें तेज गिरावट या जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, वैश्विक नियमों में बदलाव, तकनीकी जोखिम और साइबर फ्रॉड जैसी समस्याएं भी निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनती हैं। इसलिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से पहले इसकी तकनीक, जोखिम और टैक्स नियमों को समझना बेहद जरूरी है।
--आईएएनएस 

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