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अनिल अग्रवाल फाउंडेशन ने 437 करोड़ रुपए का निवेश कर 1.73 करोड़ लोगों की जिंदगी बदली

Source : business.khaskhabar.com | Nov 20, 2024 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 anil agarwal foundation changed the lives of 173 crore people by investing rs 437 crore 684281नई दिल्ली। वेदांता लिमिटेड की सामाजिक पहल शाखा, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन (आफ), ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए अपने सामाजिक प्रयासों की घोषणा की है। फाउंडेशन ने 437 करोड़ रुपए खर्च कर भारत के 1.73 करोड़ से अधिक लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाया है। फाउंडेशन की वार्षिक सोशल इम्पैक्ट रिपोर्ट, "नर्चरिंग, ट्रांसफॉर्मिंग, लीडिंग। 

इंडिया'स ग्रोथ स्टोरी,में 153 प्रभावशाली परियोजनाओं का उल्लेख किया गया है, जो 1,200 से अधिक गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला और बाल विकास, कौशल व आजीविका, पशु कल्याण और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। इस साल की विशेष झलकियों में रहा प्रोजेक्ट नन्द घर, जिसने बाल पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी प्रगति की। 

पोषण 2.0 मिशन और अंतर्राष्ट्रीय मिल्लेट्स वर्ष को मानते हुए, फाउंडेशन ने वाराणसी के 1,400 आंगनवाड़ी केंद्रों में 72 लाख मल्टी-मिलेट न्यूट्री-बार वितरित किए। इससे 50,000 बच्चों को लाभ मिला और वाराणसी में गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) में 15% और मध्यम तीव्र कुपोषण (MAM) में 12% की कमी आई। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकासित भारत संकल्प यात्रा के दौरान वाराणसी में एक मॉडल नंद घर का दौरा किया, जिससे इस परियोजना की सफलता को बल मिला। 

आफ ने 14 राज्यों में 6,044 नंद घर स्थापित किए, जहां 2,38,161 बच्चों और 1,78,620 महिलाओं को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और कौशल प्रशिक्षण जैसी सेवाएं प्रदान की गईं। ये आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों और महिलाओं के विकास के लिए समावेशी वातावरण तैयार कर रहे हैं। पशु कल्याण के क्षेत्र में आफ के "द एनिमल केयर ऑर्गनाइजेशन" (टाको) ने 1.48 लाख से अधिक पशुओं की देखभाल की और 2023 में दिल्ली में आई बाढ़ के दौरान 5,000 पशुओं को आपातकालीन चिकित्सा सहायता दी। इसके अलावा, रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में टाको की पशु कल्याण परियोजनाओं ने वन्यजीव संरक्षण में योगदान दिया। 

वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन, प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा, “वेदांता में, हमारा मूल दर्शन ‘अर्थ’ (जो हम कमाते हैं) और ‘धर्म’ (जो हम वापस समाज को देते हैं) पर आधारित है। यह समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारा लक्ष्य पूरे देश में फैली हमारी परियोजनाओं के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालना है। 

हमारी सभी पहलें, चाहे वह बाल पोषण हो, स्वास्थ्य हो, कौशल विकास हो या सांस्कृतिक संरक्षण, एक सशक्त और समावेशी भारत के हमारे दृष्टिकोण के साथ जुड़ी हुई हैं।” इन पहलों से आए बदलावों की प्रेरणादायक कहानियों में से एक राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के राजेश की कहानी है। राजेश जन्म से सुनने में अक्षम थे। "जीवन तरंग" परियोजना के तहत, उन्हें भारतीय साइन लैंग्वेज, अंग्रेजी, पर्सनालिटी डेवलपमेंट और कंप्यूटर में प्रशिक्षण मिला। 

आज वे एक आईएएस अधिकारी बनने का सपना देख रहे हैं, यह विकलांग लोगों के लिए की गई समावेशिता और कौशल विकास पहलों का प्रमाण है। प्रोजेक्ट जीवन तरंग वेदांता की सहायक कंपनी, हिंदुस्तान जिंक की एक पहल है, जो दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडी), विशेष रूप से सुनने और दृष्टिबाधित छात्रों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। आफ की खेल पहलों ने भी बड़े स्तर पर सफलता हासिल की है। 

जिंक फुटबॉल एकेडमी के मोहम्मद कैफ, 40 वर्षों में भारतीय अंडर-16 फुटबॉल टीम की कप्तानी करने वाले पहले राजस्थानी खिलाड़ी बने हैं। साथ ही, वेदांता के स्पोर्ट्स डेवलपमेंट कार्यक्रम के एथलीट्स ने 13वीं ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप में 11 राष्ट्रीय पदक जीते। आफ की विभिन्न खेल पहलों, जैसे वेदांता वुमन्स लीग और फुटबॉल, स्क्वैश, और तीरंदाजी की ज़मीनी स्तर की अकादमियों ने देश भर के युवाओं को सशक्त किया है। 

इसके अलावा, आफ ने सामुदायिक अभियानों को बढ़ावा दिया, जैसे RunForZeroHunger पहल, जो वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन और जयपुर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मुंबई और बेंगलुरु के अन्य मैराथनों में आयोजित की गईं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में, नया रायपुर स्थित बाल्को मेडिकल सेंटर ने महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की। अर्ली-ऑनसेट कोलोरेक्टल कैंसर पर शोध के लिए 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर का कैंसर ग्रैंड चैलेंजेस अनुदान हासिल किया। यह अनुदान कैंसर रिसर्च यूके और यूएस नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट द्वारा दिया गया है। साथ ही, भारत में 32 स्वास्थ्य पहलों के माध्यम से 17 लाख से ज्यादा लोगों को लाभ हुआ, जिनमें मोबाइल हेल्थ वैन, जागरूकता अभियान और अस्पताल शामिल हैं। 

शिक्षा के क्षेत्र में, 31 पहलों ने 1.33 करोड़ बच्चों और लोगों तक पहुंच बनाई। इन पहलों में फैकोर साथी शिक्षा अमृत परियोजना और प्रोजेक्ट प्रेरणा ने अहम भूमिका निभाई। इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में, आफ ने सामुदायिक विकास परियोजनाओं में निवेश किया, जिससे सोलर-पावर्ड स्ट्रीट लाइट्स, सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं और सामुदायिक केंद्रों के नवीनीकरण से 5 लाख से ज्यादा लोगों की जिंदगी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। ग्राम निर्माण जैसी पहलों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों की जीवनशैली में सुधार किया गया। साफ पानी और स्वच्छता पर केंद्रित पहलों से 6.9 लाख लोगों को लाभ मिला। भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए, आफ ने देश के हस्तशिल्पकारों को सशक्त बनाया। 

दिल्ली हाट में आयोजित वेदांता संस्कृति उत्सव और जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में नंद घर बगान जैसे आयोजनों के जरिए हस्तशिल्पकारों को अपनी कला दिखाने और अपने कार्यों को अधिक दर्शकों तक पहुंचाने का मंच मिला। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और समर्थन मिला। वेदांता लिमिटेड खनिज, ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी कंपनियों में से एक है। यह अपने 19 सहायक सब्सिडरी के माध्यम से भारत के कई राज्यों में कार्यरत है। कंपनी ने अगले 5 वर्षों में अपने सीएसआर पहलों को और बेहतर करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का संकल्प लिया है, ताकि एक सतत और समावेशी भविष्य का निर्माण किया जा सके।

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